भुवनेश्वर/ब्रह्मपुर (ओडिशा), 19 मई (भाषा) रूस के मॉस्को क्षेत्र में यूक्रेनी ड्रोन हमले में मारे गए ओडिशा के अंजराना रामैया के परिवार के सदस्य उनके पार्थिव शरीर को घर लाए जाने को लेकर चिंतित हैं।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि जिस एजेंसी के माध्यम से रामैया को नौकरी मिली थी, वह एजेंसी और राज्य सरकार शव को वापस लाने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं कर रही हैं।
वहीं गंजाम जिला प्रशासन ने कहा कि उसने मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क कर लिया है और प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
रामैया (30) गंजाम जिले के मधाबंधा गांव का रहने वाला था और वह पिछले एक साल से अधिक समय से गजप्रॉम ऑयल रिफाइनरी में एक निर्माण कंपनी के लिए ‘फिटर’ के रूप में काम कर रहा था।
रविवार को मॉस्को क्षेत्र में यूक्रेन के ड्रोन हमले में रामैया की मौत हो गयी थी जबकि दो अन्य लोग घायल हो गये थे।
परिवार ने उस भर्ती एजेंसी से भी संपर्क किया है, जिसने रामैया को मॉस्को भेजा था।
परिवार के सदस्य एवं दिहाड़ी मजदूर गणेश ने बताया, “उसने (एजेंसी ने) घटना के बारे में अनभिज्ञता जताई और कहा कि वे हमें बाद में जवाब देंगे, लेकिन उन्होंने फिर कोई जवाब नहीं दिया।”
भाषा रंजन अविनाश
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