MP Fake Doctor Arrested News/Image Credit: AI
MP Fake Doctor Arrested News: भोपाल: देश में नीट पेपर लीक कांड के बाद मध्यप्रदेश में फर्जी एमबीबीएस डॉक्टर्स पकड़े जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। ताजा मामला दमोह और जबलपुर के संजीवनी क्लीनिक से जुड़ा हुआ है। जहां 3 फर्जी डॉक्टर्स को पकड़ा गया है। मामले की शुरुआत दमोह से हुई, जहां CMHO ने एक शिकायत पर संजीवनी क्लीनिक में पदस्थ 2 डॉक्टर्स की जांच करवाई, तो इनमें ग्वालियर निवासी सचिन यादव और सीहोर निवासी राजपाल गौर की MBBS डिग्री और एमसीआई का रजिस्ट्रेशन संदिग्ध पाया गया। (MP Fake Doctor Arrested News) इसके बाद जब दमोह पुलिस ने जांच की तो दोनों की डिग्री और रजिस्ट्रेशन फर्जी निकले। ऐसा ही फर्जीवाड़ा जबलपुर के चेरीताल स्थित संजीवनी क्लीनिक में पदस्थ डॉक्टर अजय मौर्य ने किया। जिसके डिग्री और रजिस्ट्रेशन फर्जी निकले। इन तीनों ने फर्जी डिग्री और रजिस्ट्रेशन के आधार पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत नौकरी हासिल की और बीते कई सालों से, अस्सी-अस्सी हज़ार रुपए मंथली सैलरी पर संजीवनी क्लीनिक्स में नौकरी कर रहे थे। मध्यप्रदेश में ऐसे 70 से ज्यादा फर्जी डॉक्टर्स होने की आशंका है। जहां दमोह पुलिस मामले की जांच में आरोपियों की संख्या बढ़ने की बात कह रहे हैं। वहीं जबलपुर सीएमएचओ डॉक्टर नवीन कोठारी ने संजीवनी क्लीनिक्स में पदस्थ डॉक्टर्स की डिग्री और सर्टिफिकेट्स की जांच शुरु कर दी है।
तो अब फर्जी डाक्टर्स को लेकर मध्यप्रदेश में सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने व्यापम घोटाले की याद दिलाते हुए सरकार पर निशाना साधा, तो बीजेपी ने कहा कोई दोषी बख्शे नहीं जाएंगे।
MP Fake Doctor Arrested News: लेकिन सवाल ये कि- क्या राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत क्या आंख मूंदकर डॉक्टर्स की भर्तियां की गईं? सवाल ये कि- क्या सिस्टम की मिलीभगत के बिना ऐसी नियुक्तियां संभव हैं? (MP Fake Doctor Arrested News) सबसे बड़ा सवाल ये कि- संजीवनी क्लीनिक्स आने वाले मरीजों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ क्या कोई ठोस कार्रवाई होगी?
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