लिली की पहली खेप से किसानों ने एक लाख रुपये कमायेः अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री

लिली की पहली खेप से किसानों ने एक लाख रुपये कमायेः अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री

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  • Publish Date - January 13, 2026 / 07:32 PM IST,
    Updated On - January 13, 2026 / 07:32 PM IST

इटानगर, 13 जनवरी (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि लोअर सुबनसिरी जिले से मंगाई गई एशियाई लिली पुष्पों की 2,000 कलम की पहली खेप से किसानों को एक लाख रुपये की आय हुई है। इसके जरिये राज्य ने संगठित वाणिज्यिक पुष्प उत्पादन के क्षेत्र में प्रवेश किया है।

उन्होंने बताया कि फूलों की यह खेप असम के गुवाहाटी भेजी गई।

खांडू ने सोमवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “राज्य से गुवाहाटी के लिए फूलों की खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। लोअर सुबनसिरी जिले से मंगाई गई 2,000 एशियाई लिली के फूलों की कलम से तैयार इस पहली खेप से किसानों को लगभग एक लाख रुपये की आय हुई है, जो व्यावसायिक पुष्पकृषि में एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है।”

एक अधिकारी ने बताया कि यह पहल बागवानी के एकीकृत विकास मिशन (एमआईडीएच) के तहत समर्थित थी, जिसके माध्यम से राज्य सरकार अरुणाचल प्रदेश की विविध कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल उच्च गुणवत्ता वाले फूलों की खेती को बढ़ावा दे रही थी।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘आने वाले दिनों में ये फूल भारत भर के प्रमुख फूल बाजारों तक पहुंचेंगे, जिससे हमारे किसानों के लिए समृद्धि, स्थिरता और समावेशी विकास का एक नया अध्याय शुरू होगा।’

एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में, खांडू ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश ने अपनी अनूठी कृषि उपज की रक्षा और प्रचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, क्योंकि स्थानीय किसान-उत्पादक संगठनों के प्रतिनिधि निकाय द्वारा चेन्नई में जीआई रजिस्ट्री में ऊपरी सुबनसिरी के संतरों के लिए भौगोलिक संकेत (जीआई) आवेदन दाखिल किया गया है।

उन्होंने कहा, “यह अरुणाचल प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। जीआई आवेदन दाखिल करना किसानों को सशक्त बनाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और अरुणाचल प्रदेश की अनूठी उपज को राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।”

मुख्यमंत्री ने बागवानी क्षेत्र के विकास में योगदान देने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित करने की भी घोषणा की।

भाषा तान्या पवनेश

पवनेश