पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने के प्रस्ताव को लेकर जम्मू कश्मीर विधानसभा में हंगामा

पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने के प्रस्ताव को लेकर जम्मू कश्मीर विधानसभा में हंगामा

पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने के प्रस्ताव को लेकर जम्मू कश्मीर विधानसभा में हंगामा
Modified Date: September 29, 2026 / 11:39 am IST
Published Date: September 29, 2026 11:39 am IST

श्रीनगर, 29 सितंबर (भाषा) जम्मू कश्मीर विधानसभा में मंगलवार को उस प्रस्ताव को पारित किए जाने को लेकर हंगामा हुआ, जिसे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक दिन पहले पेश किया था और जिसमें पूर्ण राज्य का दर्जा तत्काल बहाल करने की मांग की गई है।

विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को प्रस्ताव पारित करने की अनुमति देने के लिए विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर को पद से हटाने की मांग को लेकर एक प्रस्ताव पेश किया था और अब वह अध्यक्ष से अपने विवेक के आधार पर पद छोड़ने की अपेक्षा करते हैं।

भाजपा ने कहा कि सोमवार को विधानसभा द्वारा पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए पारित प्रस्ताव को अध्यक्ष ने नियमों का उल्लंघन करते हुए मंजूरी दी।

मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही शर्मा ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष ने विधि विभाग की इस सलाह के बावजूद प्रस्ताव को अनुमति दी कि यह ‘‘असंवैधानिक’’ है।

विपक्ष के नेता ने कहा, ‘‘मैं अध्यक्ष के विवेक पर छोड़ता हूं कि वह पद से इस्तीफा दे दें।’’

इसके बाद सत्ता पक्ष के सदस्य अपनी सीटों से खड़े हो गए और विपक्ष के खिलाफ ‘‘वोट चोर’’ जैसे नारे लगाने लगे।

अध्यक्ष ने सदस्यों से अपनी सीटों पर बैठने को कहा।

राथर ने कहा, ‘‘मुझे पता है कि अध्यक्ष के तौर पर मेरी शक्तियां और कार्य क्या हैं। इसके लिए एक प्रक्रिया है, जिसके बारे में मैंने आपको कल बताया था। मुझे यह मत सिखाइए कि मुझे कैसे काम करना है।’’

इससे भाजपा विधायक नाराज हो गए और उन्होंने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी।

भाजपा सदस्यों की नारेबाजी जारी रहने पर उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा कि सदन चर्चा के लिए है, नारेबाजी के लिए नहीं।

चौधरी ने कहा, ‘‘उन्हें (भाजपा को) कल ही प्रस्ताव पर अपनी बात रखनी चाहिए थी। उन्हें सदन में कहना चाहिए था कि वे जम्मू कश्मीर के लिए राज्य का दर्जा और विशेष दर्जा नहीं चाहते। दिहाड़ी मजदूरों का दुश्मन कौन है? वे हर चीज में रुकावट डाल रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें शांतिपूर्वक यहां अपना पक्ष रखना चाहिए।’’

हालांकि, जैसे ही अध्यक्ष ने प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू करने का आह्वान किया, भाजपा विधायकों ने सदन से बहिर्गमन किया।

भाषा गोला वैभव

वैभव


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