किसान संगठन ने मेकेदातु बांध के खिलाफ 20 सितंबर से तमिलनाडु में पांच दिन तक प्रदर्शन की घोषणा की

Ads

किसान संगठन ने मेकेदातु बांध के खिलाफ 20 सितंबर से तमिलनाडु में पांच दिन तक प्रदर्शन की घोषणा की

  •  
  • Publish Date - September 4, 2026 / 03:48 PM IST,
    Updated On - September 4, 2026 / 03:48 PM IST

नयी दिल्ली/चेन्नई, चार सितंबर (भाषा) तमिलनाडु के सभी किसान संगठनों की समन्वय समिति ने शुक्रवार को घोषणा की कि वे कर्नाटक सरकार द्वारा मेकेदातु में कावेरी नदी पर बांध बनाने की कोशिश के विरोध में 20 सितंबर से पांच दिन का राज्यव्यापी अभियान चलाएंगे।

किसान संगठन के अध्यक्ष पी.आर. पांडियन ने यह घोषणा गुरुग्राम में किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के बीच पांच घंटे चली विस्तृत बैठक के बाद की।

पांडियन ने कर्नाटक के राजनीतिक नेतृत्व पर आरोप लगाया कि वे स्थानीय विरोध के बावजूद राजनीतिक फायदे के लिए मेकेदातु परियोजना को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूमपुहार से शुरू होने वाले इस अभियान के बाद, अगर ज़रूरत पड़ी तो किसान अपनी मांगों को रखने के लिए प्रधानमंत्री से मुलाकात का समय मांगेंगे।

पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कावेरी नदी पर प्रस्तावित बांध का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कर्नाटक द्वारा केंद्रीय जल आयोग को सौंपी गई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को ‘‘धोखा’’ और कानूनी रूप से अमान्य बताया। उन्होंने कहा कि डीपीआर में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण की जरूरी मंज़ूरी नहीं है।

केंद्र सरकार से इस परियोजना के लिए कोई भी पर्यावरण या वन मंज़ूरी न देने का आग्रह करते हुए पांडियन ने चेतावनी दी कि यह बांध तमिलनाडु और कर्नाटक दोनों राज्यों के किसानों के लिए नुकसानदायक होगा।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक के किसान भी मानते हैं कि इस बांध से उन्हें कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि यह कृष्णराजासागर बांध के नीचे की ओर घने जंगलों वाले इलाके में स्थित है। उन्होंने कहा, ‘‘पानी की कमी के समय पीने के पानी की जरूरतों के बहाने मेकेदातु में पानी जमा करने के लिए बांध बनाना मंज़ूर नहीं है और इससे खेती बर्बाद हो जाएगी।’’

विकल्प के तौर पर, पांडियन ने तमिलनाडु में रासिमानल में बांध बनाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने दावा किया कि 2024 में हुई एक संयुक्त बैठक में दोनों राज्यों के किसान रासिमानल के स्थान पर सहमत हुए थे, और उन्होंने केंद्र सरकार से इसके निर्माण की मंज़ूरी देने का आग्रह किया।

खट्टर के साथ बातचीत के दौरान, पांडियन ने केंद्र सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने वाला कानून बनाने और इस संबंध में एम.एस. स्वामीनाथन समिति की सिफारिशों को लागू करने का आग्रह किया।

उन्होंने विद्युत नियामक आयोग अधिनियम को वापस लेने, स्मार्ट मीटर लगाने की अनिवार्यता खत्म करने और भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन करने की मांग की।

पांडियन ने पत्रकारों को बताया कि मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि इन मुद्दों पर संबंधित विभागों के साथ चर्चा की जाएगी और इन्हें प्रधानमंत्री के संज्ञान में लाया जाएगा।

पांडियन ने संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) द्वारा दिल्ली की ओर मार्च निकाले जाने के दौरान हरियाणा सीमा पर पंजाब के किसानों को हाल ही में हिरासत में लिए जाने की भी कड़ी निंदा की।

भाषा वैभव नरेश

नरेश