नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर हुए जानलेवा हमले के बाद, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) अपने सभी जेड-प्लस श्रेणी के उच्च जोखिम वाले अति विशिष्ट लोगों (वीआईपी) की व्यापक सुरक्षा जांच करेगा। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
‘ब्लैक कैट्स’ कमांडो फोर्स वर्तमान में अब्दुल्ला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू सहित नौ वीआईपी को विशिष्ट सुरक्षा प्रदान करती है।
मानक संचालन प्रक्रियाओं के तहत, बल यात्रा के दौरान सचल सुरक्षा प्रदान करता है और जब कोई गणमान्य व्यक्ति किसी बंद परिसर जैसे कि भोज कक्ष या सम्मेलन केंद्र के अंदर होता है, तो चार कमांडो की एक विशेष ‘क्लोज प्रोटेक्शन टीम’ (सीपीटी) तैनात करता है।
अधिकारियों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि जब भी किसी “असाधारण घटना” में एनएसजी द्वारा संरक्षित व्यक्ति शामिल होता है, तो सुरक्षा उपायों की समीक्षा या ऑडिट करना मानक प्रक्रिया है।
एक अधिकारी ने कहा, “सुरक्षा ऑडिट प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हालांकि एनएसजी को संरक्षित व्यक्ति के करीबी सुरक्षा घेरे का जिम्मा सौंपा गया है, लेकिन स्थल को सुरक्षित रखना और यह सुनिश्चित करना कि कोई भी सशस्त्र व्यक्ति प्रवेश न कर सके, स्थानीय पुलिस और अन्य एजेंसियों की जिम्मेदारी बनी रहेगी।”
ऑडिट पूरा होने के बाद, एनएसजी अपने निष्कर्षों से संबंधित स्थानीय पुलिस अधिकारियों को अवगत कराएगा और संभावित कमियों को उजागर करेगा।
बुधवार रात को जब नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष अब्दुल्ला जम्मू में एक शादी समारोह से निकल रहे थे, तभी एक बंदूकधारी ने पीछे से आकर उन पर गोली चला दी। इस घटना में वह चमत्कारिक रूप से बाल-बाल बच गए।
भाषा प्रशांत नरेश
नरेश