कानपुर, 19 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक पिता ने अपनी ही 11 साल की जुड़वां बेटियों की गला रेत कर हत्या कर दी।
घटना का खुलासा उस समय हुआ, जब मां सुबह उठी और अपनी बेटियों को खून से लथपथ मृत पाया।
इस अपराध ने पांच लोगों के परिवार को तहस-नहस कर दिया है, जिसमें माता-पिता, दो बेटियां और एक छोटा बेटा शामिल हैं।
पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से कानपुर आई रेशमा की 2014 में 48 वर्षीय शशि रंजन मिश्रा से शादी हुई थी।
रुंधे गले से रेशमा ने अपने उस जीवन का वर्णन किया जो धीरे-धीरे बंद दरवाजों के पीछे बिखरता चला गया।
परिवार किदवई नगर के एक किराए के फ्लैट में रहता था और दिनचर्या से उनका नाता टूट चुका था।
वह अपने छह साल के बेटे के साथ एक अलग कमरे में सोती थी जबकि उसका पति जुड़वां बेटियों के साथ दूसरे कमरे में रहता था।
किसी समय मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) रहे मिश्रा ने कुछ साल पहले अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए नौकरी छोड़ दी थी लेकिन हाल ही में वे बेरोजगार हो गया था।
पहले एक ब्यूटी पार्लर में काम करने वाली रेशमा फिलहाल बेरोजगार थीं।
रेशमा के अनुसार, “वर्षों से उनका वैवाहिक जीवन तनावपूर्ण होता जा रहा था। मिश्रा का शक बढ़ता जा रहा था और वह उन पर बेवफाई का आरोप लगाते हुए पूरे घर में सीसीटीवी कैमरे लगवा चुका था।”
मिश्रा शराब पीता था, नींद की गोलियां खाता था और विशेष रूप से अपनी मां की मौत के बाद से अवसाद से जूझ रहा था।
रेशमा ने पुलिस को बताया, “उसने (मिश्रा ने) पहले कहा था कि वह अपनी जान दे देगा और उसने बच्चों के साथ मरने की बात भी कही थी।”
घटना वाली रात, मिश्रा अपनी बेटियों को अपने कमरे में ले गया, जैसा कि वह अक्सर करता थे।
रेशमा ने बताया कि वह अपने बेटे के साथ सो गईं।
सीसीटीवी फुटेज में बाद में मिश्रा को रात करीब ढाई बजे एक बच्ची को शौचालय ले जाते और वापस आते हुए देखा गया, जिससे पता चला कि उस समय दोनों बच्चियां जीवित थीं।
इसके बाद क्या हुआ, यह घटनाक्रम का सबसे भयावह पहलू है।
पुलिस ने बताया कि मिश्रा ने कबूल किया कि उसने बच्चों के खाने में नींद की गोलियां मिलाईं, जिससे वे बेहोश हो गईं और फिर उसने उनका गला घोंट दिया और बाद में एक दिन पहले खरीदे गए चाकू से उनका गला रेत दिया।
जांचकर्ताओं ने पाया कि संघर्ष के कोई निशान नहीं थे, जिससे यह संदेह और पुख्ता हो गया कि हमले से पहले बच्चियां बेहोश थीं।
मिश्रा ने खुद तड़के करीब साढ़े चार बजे पुलिस को फोन किया और पुलिस के पहुंचने पर वह फ्लैट के अंदर ही मिला।
रेशमा ने बताया कि पुलिस के तड़के उनके घर पहुंचने तक उन्हें हत्याओं की कोई जानकारी नहीं थी।
उन्होंने अधिकारियों को बताया, “मैं सो रही थी। मुझे पता ही नहीं चला कि यह कब हुआ।”
रेशमा के इस बयान के आधार पर नौबस्ता थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हत्या का मकसद अब तक स्पष्ट नहीं है हालांकि मिश्रा ने अपनी बेटियों के भविष्य को लेकर चिंता को इसका कारण बताया है। पुलिस मानसिक तनाव, अवसाद और आर्थिक तंगी को हत्या के संभावित कारण मानकर जांच कर रही है।
फोरेंसिक टीमों ने फ्लैट की छानबीन कर सबूत जुटाए हैं जबकि सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर अंतिम घंटों के घटनाक्रम का पता लगाया जा रहा है।
भाषा जितेंद्र
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