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US Iran Peace Talk: ईरान ने इस्लामाबाद में होने वाली अहम बैठक से ठीक पहले बड़ा फैसला लेते हुए अपना डेलिगेशन पाकिस्तान नहीं भेजने की घोषणा कर दी है। 21 अप्रैल को प्रस्तावित इस बैठक में शामिल होने के लिए ईरान ने सहमति नहीं दी और इसके पीछे अमेरिका की नीतियों और हालिया फैसलों को मुख्य कारण बताया है।
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका लगातार अपना रुख बदल रहा है, जिससे बातचीत की प्रक्रिया में भरोसा कायम रखना मुश्किल हो गया है। उनका आरोप है कि अमेरिका एक तरफ बातचीत और समझौते की बात करता है, वहीं दूसरी ओर ऐसे कदम उठा रहा है जो हालात को और तनावपूर्ण बना रहे हैं।
ईरान ने विशेष रूप से समुद्री घेराबंदी के मुद्दे को उठाते हुए इसे गंभीर चिंता का विषय बताया है। ईरानी पक्ष के अनुसार, अमेरिका द्वारा वादों के खिलाफ जाकर होर्मुज की घेराबंदी जारी रखना न केवल तनाव बढ़ाने वाला कदम है, बल्कि यह युद्धविराम के उल्लंघन के समान है। ईरान का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से क्षेत्रीय स्थिरता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इसी कारण उसने इस्लामाबाद बैठक से दूरी बनाने का फैसला लिया है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि मौजूदा परिस्थितियों में ईरान किसी भी बातचीत में शामिल होने से पहले ठोस और भरोसेमंद कदमों की अपेक्षा कर रहा है।