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Aaj Ka Panchang 20 April 2026: हिन्दू पंचांग का महत्व प्राचीन काल से ही भारतीय जीवन में बना हुआ है। पंचांग के पांच अंग—वार, तिथि, नक्षत्र, योग और करण—समय की सटीक गणना के साथ जीवन के निर्णयों को दिशा देते हैं। 20 अप्रैल 2026 का दिन भी अपने साथ एक खास ऊर्जा लेकर आया है, जिसमें आगे बढ़ने की स्पष्टता और स्थिरता दोनों का संतुलन देखने को मिलता है।
आज का दिन शुरुआत से ही सक्रियता और सकारात्मकता का संकेत दे रहा है। सुबह से ही मन में किसी जरूरी काम को पूरा करने या नई शुरुआत करने का उत्साह बना रहेगा। खास बात यह है कि यह ऊर्जा बिखरी हुई नहीं, बल्कि एक दिशा में केंद्रित है, जिससे आप अपने लक्ष्य की ओर ठोस कदम बढ़ा सकते हैं। ऐसे में आज का दिन सिर्फ व्यस्त रहने का नहीं, बल्कि सही दिशा में आगे बढ़ने का है।
पंचांग के अनुसार, दिन की शुरुआत शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हो रही है, जो सुबह 7:27 बजे तक रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू हो जाएगी। तृतीया को नई शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है, इसलिए सुबह का समय खास तौर पर महत्वपूर्ण है। वहीं चतुर्थी में कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए अधिक सावधानी और मेहनत की आवश्यकता होती है, इसलिए आज जो भी काम शुरू करें, उसे पूरी योजना के साथ आगे बढ़ाना बेहतर रहेगा।
नक्षत्र की बात करें तो आज पूरे दिन चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र में रहेगा। यह नक्षत्र वृद्धि, स्थिरता और संतुलन का प्रतीक माना जाता है। इस कारण दिनभर एक सुकून भरा माहौल बना रहेगा और किए गए कार्यों में स्थिर प्रगति देखने को मिल सकती है। यदि आप किसी लंबे समय के काम की नींव रखना चाहते हैं, तो आज का दिन अनुकूल साबित हो सकता है।
योग के अनुसार, शाम 4:11 बजे तक सौभाग्य योग रहेगा, जो नाम के अनुसार शुभता और सहयोग का संकेत देता है। इसके बाद शोभन योग शुरू होगा, जिसमें कार्यों को व्यवस्थित तरीके से करने पर अधिक सफलता मिलती है। यानी दिन का पहला हिस्सा सहज रहेगा, जबकि बाद में थोड़ी सावधानी और संतुलन की जरूरत होगी।
करण की स्थिति भी दिन के प्रभाव को स्पष्ट करती है। सुबह 7:28 बजे तक गरज करण रहेगा, इसके बाद शाम 5:49 बजे तक वणिज करण रहेगा, जो व्यापार और सोच-समझकर निर्णय लेने के लिए उत्तम माना जाता है। इसके बाद विष्टि करण शुरू होगा, जिसमें नए कार्यों की शुरुआत से बचना बेहतर होता है।
आज सूर्योदय सुबह 5:51 बजे और सूर्यास्त शाम 6:48 बजे होगा, जिससे दिन पर्याप्त लंबा रहेगा और कामों को पूरा करने का अच्छा अवसर मिलेगा। ग्रहों की स्थिति पर नजर डालें तो सूर्य मेष राशि में और चंद्रमा वृषभ राशि में स्थित है। यह संयोजन ऊर्जा और स्थिरता दोनों प्रदान करता है, जिससे आप बिना जल्दबाजी के भी प्रभावी निर्णय ले सकते हैं।
शुभ मुहूर्तों की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:14 से 5:02 तक रहेगा, जो आध्यात्मिक कार्यों के लिए उत्तम है। अभिजीत मुहूर्त 11:55 से 12:46 तक रहेगा, जो किसी भी महत्वपूर्ण कार्य या निर्णय के लिए सबसे शुभ समय माना जाता है। इसके अलावा विजय मुहूर्त दोपहर 2:29 से 3:21 तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 6:48 से 7:10 तक रहेगा।
अशुभ समय में राहुकाल सुबह 7:31 से 9:07 तक रहेगा, यमगंड 10:43 से 12:20 तक और गुलिक काल 1:56 से 3:32 तक रहेगा। इन समयों में नए कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।