पंद्रह पुरातात्विक उत्खनन स्थलों को ‘अनुभव केंद्र’ के रूप में विकसित किया जा रहा : संस्कृति मंत्री

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पंद्रह पुरातात्विक उत्खनन स्थलों को ‘अनुभव केंद्र’ के रूप में विकसित किया जा रहा : संस्कृति मंत्री

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  • Publish Date - March 12, 2026 / 02:19 PM IST,
    Updated On - March 12, 2026 / 02:19 PM IST

नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) केंद्र सरकार पुरातात्विक महत्व के 15 उत्खनन स्थलों को ‘अनुभव केंद्र’ के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी।

उन्होंने पूरक प्रश्नों के जवाब में बताया कि पहले वैज्ञानिक तरीके से उत्खनन पूरा होने के बाद ऐसे स्थलों को बंद कर दिया जाता था, लेकिन इस वर्ष के केंद्रीय बजट में पुरातात्विक स्थलों को ‘अनुभव केंद्र’ के रूप में विकसित करने का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा, “हम पुरातात्विक महत्व के 15 स्थलों को अनुभव केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।”

शेखावत से बीजू जनता दल की सुलता देव ने ओडिशा के ‘‘डायमंड ट्राएंगल’’ क्षेत्र के स्मारकों के संरक्षण को लेकर प्रश्न किया था।

शेखावत ने कहा कि ‘‘डायमंड ट्रायंगल’’ क्षेत्र बहुत महत्वपूर्ण है और हाल ही में उदयगिरी में उत्खनन के दौरान भगवान बुद्ध का एक अवशेष मिला है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मौजूदा योजनाओं के तहत इस स्थल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रस्ताव भेज सकती है।

विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने मांग की कि बौद्ध मंदिर के साथ-साथ भीमा नदी और कृष्णा नदी के आसपास के क्षेत्र की देखभाल की जाए तथा वहां उत्खनन कार्य भी कराया जाए।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव