Home » Country » PM Modi Speaks on Global Energy Crisis, Says India Holds Over 5 Million Ton Strategic Oil Reserve
PM Narendra Modi On LPG Crisis : LPG शार्टेज को लेकर विपक्ष ने घेरा तो पीएम मोदी ने दिया करारा जवाब, कहा- जानबूझकर दहशत फैलाना बंद करो, ईंधन भंडार को लेकर किया बड़ा खुलासा
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एनएक्सटी समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक ऊर्जा संकट, भारत के पेट्रोलियम रिजर्व और देश की बढ़ती वैश्विक साख पर बड़ा बयान दिया।
नई दिल्ली : PM Narendra Modi On LPG Crisis एनएक्सटी (NXT) समिट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक ऊर्जा संकट और भारत की बढ़ती साख पर विस्तार से चर्चा की। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात और वैश्विक युद्ध के कारण पैदा हुआ ऊर्जा संकट पूरे विश्व के लिए एक परीक्षा की घड़ी है, जिससे भारत पूरी मजबूती और शांति के साथ निपट रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि 140 करोड़ भारतीयों की एकजुटता के दम पर भारत इस संकट से भी सफलतापूर्वक उबर जाएगा।
50 लाख टन से अधिक स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व मौजूद
प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि आज भारत तेजी और स्थिरता के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले भारत के पास स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व न के बराबर थे, जबकि आज हमारे पास 50 लाख टन से अधिक का रिजर्व मौजूद है और इस क्षमता को और बढ़ाने पर काम चल रहा है।
” एलपीजी को लेकर जनता के बीच जानबूझकर दहशत “
आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि देश में एलपीजी कनेक्शनों की संख्या 14 करोड़ (2014) से बढ़कर अब 33 करोड़ के पार पहुंच गई है, और एलएनजी टर्मिनल्स की संख्या भी दोगुनी हो गई है। इस दौरान पीएम ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग एलपीजी को लेकर जनता के बीच जानबूझकर दहशत फैला रहे हैं, जो उनकी हताशा को दर्शाता है।
” भारत को दुनिया का ‘केंद्र बिंदु’ मान रहे हैं “
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर बड़ी उम्मीदों से देख रही है और कई वैश्विक नेता भारत को दुनिया का ‘केंद्र बिंदु’ मान रहे हैं। पीएम ने आह्वान किया कि यदि विश्व को भविष्य का हिस्सा बनना है, तो उसे भारत के साथ जुड़ना होगा। उन्होंने देशवासियों, राजनीतिक दलों और मीडिया से आग्रह किया कि इस कठिन वैश्विक दौर में सभी मिलकर एक जिम्मेदार भूमिका निभाएं, ताकि भारत की विकास यात्रा निरंतर और तेज बनी रहे।