नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) संसद की एक स्थायी समिति ने सरकार से अनुशंसा की है कि वह ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण के अनुरूप अवसंरचना, वित्तपोषण, शासन व्यवस्था और क्षमता संबंधी आवश्यकताओं का आकलन करने के लिए एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित करे।
समिति के अनुसार इससे समन्वित योजना, राजकोषीय तैयारी और महानगरों के साथ-साथ द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के शहरों में संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा।
आवास और शहरी मामलों की स्थायी समिति की रिपोर्ट बृहस्पतिवार को लोकसभा में पेश की गई।
रिपोर्ट में समिति ने कहा है कि मंत्रालय की कई प्रमुख योजनाएं लागू की जा रही हैं और वित्तीय सहायता के विभिन्न तंत्र भी शुरू किए गए हैं, लेकिन ये पहल मुख्य रूप से योजना आधारित और क्षेत्र विशेष से संबंधित हैं।
इसके अनुसार, शहरी अवसंरचना आवश्यकताओं का अंतिम व्यापक और समेकित आकलन 2011 में उच्च शक्ति विशेषज्ञ समिति द्वारा किया गया था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2030 के बाद अवसंरचना की मांग और संस्थागत आवश्यकताओं का राष्ट्रीय स्तर पर समग्र आकलन अभी तक नहीं किया गया है।
समिति ने सिफारिश की कि आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के अनुरूप 2047 तक भारत की शहरी अवसंरचना आवश्यकताओं, वित्तीय जरूरतों, शासन सुधारों और क्षमता निर्माण की जरूरतों का व्यापक आकलन करने के लिए एक नयी उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित की जाए।
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