उत्तरकाशी में हिंदू संगठन के प्रदर्शन के दौरान पथराव, करीब 200 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

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उत्तरकाशी में हिंदू संगठन के प्रदर्शन के दौरान पथराव, करीब 200 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

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  • Publish Date - October 25, 2024 / 08:24 PM IST,
    Updated On - October 25, 2024 / 08:24 PM IST

(तस्वीर के साथ)

उत्तरकाशी, 25 अक्टूबर (भाषा) उत्तरकाशी में कथित तौर पर सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद को हटाने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को हिंदू संगठन द्वारा निकाली गयी विरोध रैली के दौरान हुए पथराव के मामले में 200 से अधिक लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं स्थिति तनावपूर्ण होने के मद्देनजर प्रशासन ने जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दिया है। उत्तरकाशी के जिलाधिकारी मेहरबान सिंह बिष्ट ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है जिसके तहत पांच या पांच से अधिक लोगों के इकटठा होने, धरना प्रदर्शन करने तथा जुलूस निकालने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है ।

उत्तरकाशी के पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव ने यहां कहा कि संयुक्त सनातन धर्म रक्षक संघ द्वारा निकाली जाने वाली रैली के लिए सशर्त अनुमति दी गयी थी लेकिन प्रदर्शनकारी दूसरे मार्ग पर जाने के लिए अड़ गए और अवरोधकों को हटाने का प्रयास किया।

उन्होंने कहा कि इसी दौरान प्रदर्शनकारियों में से कुछ लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी जिसके बाद पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर उन्हें वहां से तितर-बितर करना पड़ा।

श्रीवास्तव ने कहा कि इस दौरान कुल आठ पुलिसकर्मियों को भी चोटें आयी जिसमें निरीक्षक आशुतोष सिंह और हवलदार अनिल कुमार गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं। उन्होंने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारी भी इसमें घायल हुए हैं।

श्रीवास्तव ने कहा कि जिले में पूरी तरह से शांति व्यवस्था कायम है। उन्होंने जनता से भी शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की ।

उत्तरकाशी जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ प्रेम पोखरियाल ने बृहस्पतिवार को बताया था कि दो महिलाओं समेत 20 प्रदर्शनकारियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था जिनमें से अधिकांश को शाम को ही छुट्टी दे दी गयी थी।

उत्तरकाशी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह ने बताया कि रैली के दौरान हुए बवाल के संबंध में पुलिस ने आठ नामजद और 200 अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है।

इस बीच, प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के विरोध में हिंदू संगठनों के आह्वान पर शुक्रवार शाम तक बाजार पूर्ण रूप से बंद रहे। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने चार नवंबर को उत्तरकाशी में महापंचायत आयोजित करने का निर्णय भी लिया है।

नगर के बाड़ाहाट क्षेत्र में बनी मस्जिद को प्रदर्शनकारी सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण बता रहे हैं और उसे हटाए जाने की मांग पर रहे हैं जबकि जिला प्रशासन पहले ही साफ कर चुका है कि मस्जिद पुरानी है और मुस्लिम समुदाय के लोगों की भूमि पर बनी हुई है। इस संबंध में भटवाड़ी के उपजिलाधिकारी मुकेश चंद रमोला की एक रिपोर्ट के हवाले से उत्तरकाशी के जिलाधिकारी कार्यालय से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह स्पष्टीकरण दिया गया है ।

उधर, भाकपा जिला परिषद के पदाधिकारियों ने उत्तरकाशी समेत प्रदेश के अन्य जिलों में दूसरे समुदाय के प्रति माहौल बिगाड़ने की कोशिशों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (अवकाश प्राप्त) गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा।

ज्ञापन में कहा गया है कि उत्तरकाशी में हिंदू संगठनों द्वारा धर्म विशेष के खिलाफ नफरत का वातावरण तैयार करने की कोशिश की गई और ऐसी ही कोशिश उत्तराखंड के अन्य जिलों में भी की जा रही है। उन्होंने इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

उधर, देहरादून में वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि वह इस प्रकार की घटनाओं से चिंतित हैं। संवाददाताओं द्वारा इस संबंध में पूछे जाने पर रावत ने कहा कि इस मामले में कानून सम्मत तरीके से आचरण किया जाना चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा, ‘‘यह राज्य सरकार का मामला है। करने वाले भी वही लोग हैं। तुम्हीं कोतवाल और तुम्हीं……..।’’

भाषा सं दीप्ति धीरज

धीरज