बेंगलुरु, पांच मई (भाषा) कर्नाटक उच्च न्यायालय ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता डीएन जीवराज के खिलाफ दर्ज उस प्राथमिकी पर मंगलवार को रोक लगा दी, जिसमें उन पर शृंगेरी विधानसभा क्षेत्र में डाक मतपत्रों की पुनर्गणना के दौरान उनमें छेड़छाड़ करके नतीजों में हेरफेर करने का आरोप लगाया गया है।
न्यायमूर्ति वी श्रीशानंद की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्य सरकार को संबंधित सामग्री अदालत के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया।
जीवराज को 2023 में संपन्न कर्नाटक विधानसभा चुनाव के तीन साल बाद तीन मई 2026 को शृंगेरी विधानसभा क्षेत्र से विजेता घोषित किया गया था। इस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व पहले कांग्रेस नेता टीडी राजे गौड़ा करते थे।
हालांकि, जीवराज ने गौड़ा के निर्वाचन को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, जिसने शृंगेरी में डाक के माध्यम से डाले गए मतों के पुनर्सत्यापन और पुनर्गणना का आदेश दिया था।
डाक मतपत्रों की पुनर्गणना के बाद जीवराज को शृंगेरी विधानसभा क्षेत्र से विजेता घोषित किया गया था।
कांग्रेस के चुनाव एजेंट सुधीर कुमार मुरोली की शिकायत के आधार पर जीवराज के खिलाफ तीन मई को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि जीवराज, चिक्कमगलुरु के दो राजपत्रित स्तर के अधिकारियों वेदमूर्ति और केएन रमेश तथा कुछ अज्ञात लोगों ने डाक मतपत्रों के साथ छेड़छाड़ की थी।
भाषा पारुल पवनेश
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