पुरी जगन्नाथ मंदिर में ‘वीआईपी दर्शन’ कराने का झांसा देने वाले पोर्टल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

पुरी जगन्नाथ मंदिर में ‘वीआईपी दर्शन’ कराने का झांसा देने वाले पोर्टल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

पुरी जगन्नाथ मंदिर में ‘वीआईपी दर्शन’ कराने का झांसा देने वाले पोर्टल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
Modified Date: July 20, 2026 / 05:31 pm IST
Published Date: July 20, 2026 5:31 pm IST

पुरी, 20 जुलाई (भाषा) ओडिशा के पुरी में वार्षिक रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए, सोमवार को श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने ‘पैसे देने पर वीआईपी दर्शन’ कराने का लोगों को झांसा देने वाले फर्जी विज्ञापनों के प्रति सावधान किया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि 12वीं सदी के इस मंदिर में ऐसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।

एसजेटीए ने ‘ईओडिशा’ नामक एक पोर्टल के खिलाफ सिंहद्वार थाने में शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि यह पोर्टल विशेष रूप से ओडिशा से बाहर के श्रद्धालुओं को पैसे लेकर श्री जगन्नाथ मंदिर में विशेष प्रवेश दिलाने का झांसा देकर गुमराह कर रहा था।

श्री जगन्नाथ मंदिर, पुरी के ‍विशेष कार्य अधिकारी (सुरक्षा) हेमंत कुमार पाधी ने शिकायत में कहा, ‘‘श्री जगन्नाथ मंदिर, पुरी में पैसे देकर वीआईपी दर्शन की कोई व्यवस्था नहीं है और एसजेटीए ने ऐसे दर्शन की सुविधा देने के लिए किसी व्यक्ति या संगठन को अधिकृत नहीं किया है।”

शिकायत में कहा गया, “ ‘ईओडिशा’ की ओर से प्रसारित विज्ञापन पूरी तरह से फर्जी है और इसका मकसद आम लोगों को धोखा देना है। श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे ऐसे विज्ञापनों पर भरोसा न करें।”

मध्य रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सत्यजीत नाइक ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और उचित कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा, “वीआईपी दर्शन के लिए कोई प्रावधान या नियम नहीं है।”

अधिकारियों के अनुसार, पोर्टल ने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर ऐसे विज्ञापन प्रसारित किये जिनमें दावा किया गया था कि एक अगस्त से पैसे देकर मंदिर तक आसानी से और खास सुविधा के साथ पहुंचा जा सकेगा।

भाषा प्रशांत सुभाष

सुभाष


लेखक के बारे में