पहले जनता के वोट लूटते हैं, फिर दुखती रग को दबाते हैं: ईंधन की कीमतों में वृद्धि पर तृणमूल का निशाना
पहले जनता के वोट लूटते हैं, फिर दुखती रग को दबाते हैं: ईंधन की कीमतों में वृद्धि पर तृणमूल का निशाना
नयी दिल्ली, 15 मई (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि को लेकर बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि पहले वे जनता के ‘‘वोट लूटते’’ हैं और फिर उनकी ‘‘दुखती रग को और दबाते’’ हैं।
राज्यसभा सदस्य ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यह प्रश्न भी किया कि क्या अब पश्चिम बंगाल की भाजपा नीत सरकार ईंधन पर मूल्य वर्धित कर (वैट) कम करेगी, क्योंकि अब केंद्र में भी उन्हीं की सत्ता है और उन्हें धन रोके जाने की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
वैश्विक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण तेल विक्रेताओं को हो रहे घाटे के बीच शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल के दामों में तीन-तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई। चार वर्षों से अधिक समय में यह पहली मूल्य वृद्धि है।
ओ’ब्रायन ने कहा, ‘‘पहले वे आपके वोट लूटते हैं, फिर वे आपकी दुखती रग को और दबाते हैं। इसका अनुमान था।’’
ईंधन की कीमतों में यह वृद्धि असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के 16 दिन बाद हुई है। पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी उछाल के बावजूद मतदान की अवधि के दौरान कीमतों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया था।
ओ’ब्रायन ने कहा, ‘‘डीजल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ गई हैं। क्या बंगाल सरकार अब पेट्रोल और डीजल पर वैट कम करेगी, क्योंकि अब तो वहां दिल्ली के नियंत्रण वाली सरकार है जिसे केंद्र की ओर से धन रोके जाने की चिंता नहीं है?’’
विभिन्न राज्यों में वैट की दरों में भिन्नता के कारण ईंधन की कीमतें अलग-अलग होती हैं।
भाषा सुमित सुरभि
सुरभि

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