कोयंबटूर (तमिलनाडु), 17 जुलाई (भाषा) कोयंबटूर नगर निगम परिषद की बैठक के दौरान द्रमुक पार्षदों के साथ हुई झड़प के बाद कांग्रेस के पांच पार्षदों को शुक्रवार को दो महीने के लिए निलंबित कर दिया गया।
महापौर रंगनायकी ने नगर निगम की ‘सेम्मोझी पूंगा’ परियोजना में 40 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर हुए हंगामे के बाद निलंबन की घोषणा की।
विवाद उस समय शुरू हुआ जब कांग्रेस पार्षद और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की सदस्य आर. गायत्री ने एक अखबार में प्रकाशित कथित 40 करोड़ रुपये के घोटाले संबंधी खबर का हवाला देते हुए सवाल उठाया।
गायत्री ने नगर निगम आयुक्त से परियोजना पर हुए खर्च, ठेकेदार के चयन और निविदा प्रक्रिया की पारदर्शिता का विवरण देते हुए श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।
गायत्री ने पीटीआई-वीडियो से कहा उनके इस सवाल पर तीखी प्रतिक्रिया दी गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें रोका गया, धमकाया गया और विपक्षी सदस्यों ने परिषद कक्ष के भीतर उनकी साड़ी तक खींची।
उन्होंने कहा, ‘मैंने केवल जनता के पैसे से जुड़ा एक साधारण सवाल पूछा था, लेकिन जवाब देने के बजाय मेरे साथ हिंसा की गई।’
भाषा
राखी पवनेश
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