गिर सोमनाथ (गुजरात), 17 मार्च (भाषा) गुजरात के ऊना में 2016 में मृत गाय की खाल उतारने की कोशिश करने वाले चार दलित व्यक्तियों को कोड़े मारने के मामले में एक विशेष अदालत ने मंगलवार को पांच लोगों को पांच साल कैद की सजा सुनाई और उनपर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
इससे एक दिन पहले वेरावल की विशेष अदालत ने इस मामले में पांच व्यक्तियों को दोषी पाया था, जबकि 35 अन्य को बरी कर दिया था। इस घटना के बाद देशभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे।
एससी/एसटी मामलों के विशेष न्यायाधीश जे जे पांड्या की अदालत ने मंगलवार को पांच दोषियों को एससी/एसटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत पांच वर्ष की जेल की सजा सुनाई।
अदालत ने पांच वर्ष के अधिकतम कारावास की सजा सुनाने के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता की धारा 323 और 324 के तहत तीन वर्ष के कारावास, धारा 342 के तहत एक वर्ष के कारावास और धारा 504 के तहत दो वर्ष के कारावास की सजा भी सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
घटना 11 जुलाई 2016 को गिर सोमनाथ जिले के ऊना कस्बे के निकट मोटा समधियाला गांव में हुई थी, जब चार दलित युवक अपने पारंपरिक पेशे के तहत एक गाय की खाल उतार रहे थे, जिसकी कुछ समय पहले किसी दूसरे गांव में मौत हो गई थी।
भाषा जोहेब दिलीप
दिलीप