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कोलकाता, 17 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि मुर्शिदाबाद जिले में शुक्रवार सुबह एक खुले रेलवे समपार फाटक पर एक कार को ट्रेन ने टक्कर मार दी। इस घटना में दो स्कूली छात्र समेत पांच लोगों की मौत हो गई।
अधिकारियों ने बताया कि गोबिंदापुर में दुर्घटना वाली जगह पर नाराज ग्रामीणों के विरोध-प्रदर्शन के बीच पुलिस ने ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में ‘गेटमैन’ को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही, रेलवे के एक स्थायी पथ निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा, ‘‘दुर्घटना में कुल पांच लोगों की मृत्यु हुई है। यह दुर्भाग्यपूर्ण और हृदयविदारक है। ‘गेटमैन’ को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच की जा रही है।’’
अधिकारियों ने बताया कि हादसा सुबह करीब सात बजे पूर्वी रेलवे के हावड़ा मंडल के अजीमगंज-कटवा खंड में कर्ण सुबर्ण रेलवे स्टेशन के पास हुआ। घटना के वक्त छात्रों को स्कूल ले जा रही एक कार पटरी पार करने की कोशिश कर रही थी, तभी निमतिता-कटवा पैसेंजर ट्रेन ने उसे टक्कर मार दी।
उन्होंने बताया कि पटरी पार कर रहे एक साइकिल सवार को भी ट्रेन ने अपनी चपेट में ले लिया।
घायलों को शुरू में स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और बाद में उन्हें बर्द्धमान मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया।
पूर्वी रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) शिवराम माझी ने बताया कि रेलवे अधिकारियों की 10-सदस्यीय टीम ने घटना के कारणों की जांच के लिए दुर्घटना स्थल का दौरा किया।
उन्होंने कहा कि रेलवे ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और घायलों को 2.5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
हादसे के बाद पूर्वी रेलवे के हावड़ा मंडल के अजीमगंज-कटवा खंड में ट्रेन सेवाएं कुछ देर के लिए प्रभावित हुईं। हालांकि वाहन के मलबे को हटाने के बाद ट्रेन सेवा सामान्य रूप से बहाल कर दी गई।
गुस्साए ग्रामीणों ने गोबिंदापुर में दुर्घटना स्थल पर प्रदर्शन किया और लापरवाही का आरोप लगाया।
इस घटना पर दुख जताते हुए शुभेंदु अधिकारी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘घटना किन कारणों और परिस्थितियों में हुई उसकी पूरी जांच की जाएगी और मैं पश्चिम बंगाल के लोगों को भरोसा दिलाता हूं कि जो भी इसके लिए जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।’’
उन्होंने बताया कि मुर्शिदाबाद के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सुबह से ही घटनास्थल पर मौजूद थे और उन्होंने बचाव व राहत कार्यों की निगरानी की।
उन्होंने लिखा, ‘‘मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं, खासकर उन युवा छात्रों के माता-पिता के साथ जिनके बच्चों ने अपनी जान गंवाई। उनके गहरे दुख को कम करने के लिए शब्द अपर्याप्त हैं। इस कठिन घड़ी में पूरा राज्य शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ा है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इलाज करा रहे लोगों के लिए बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करेगी।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शरद्वत मुखोपाध्याय व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित कर रहे थे कि घायलों को बहरामपुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में सर्वोत्तम इलाज मिले।
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने इस घटना में लोगों की मौत पर दुख जताया।
बहरामपुर से पूर्व सांसद एवं कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने घटनास्थल का दौरा किया और ग्रामीणों से बात की।
बाद में चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि ‘गेटमैन’ ने समपार फाटक का गेट खुला छोड़ दिया था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘जब हम हाइड्रोजन ट्रेन चला रहे हैं, तो हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हादसों को रोकने के लिए बुनियादी ढांचा और आवश्यक सुरक्षा जांच की समुचित व्यवस्था भी हो।’’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को हरियाणा के जींद और सोनीपत को जोड़ने वाली भारत की पहली हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।
भाषा सुरभि पवनेश
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