उत्तरी ओडिशा में बाढ़ की स्थिति गंभीर, 370 गांव जलमग्न
उत्तरी ओडिशा में बाढ़ की स्थिति गंभीर, 370 गांव जलमग्न
भुवनेश्वर, तीन सितंबर (भाषा) बालासोर, जाजपुर और मयूरभंज जिलों के कुछ हिस्सों को जलमग्न करने वाली उफनती बड़ी नदियों में जलस्तर घटने के बाद भी बृहस्पतिवार को उत्तरी ओडिशा में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि स्वर्णरेखा नदी का पानी बालासोर जिले के पांच प्रखंडों–भोगराई, बालियापाल, बस्ता, रेमुना और जलेश्वर – के 214 गांवों में घुस गया है तथा यह नदी पहले खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी, लेकिन उसका जलस्तर अब घटने लगा है।
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता दिलीप राउत ने कहा, ‘‘ पूर्वाह्न तक, राजघाट पर स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर 10.84 मीटर था, जबकि खतरे का निशान 10.36 मीटर है। अभी जलस्तर घट रहा है, जिससे नदी की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार का संकेत मिल रहा है।’’
अधिकारी ने बताया कि बालासोर जिले के प्रभावित गांवों से लगभग 35,740 लोगों को निकालकर 72 राहत शिविरों में ठहराया गया है।
बैतरणी नदी और उसकी सहायक नदियों – सलंदी एवं बूढ़ाबलंगा में उफान के कारण जाजपुर एवं मयूरभंज जिलों में भी हालात गंभीर बने हुए हैं।
अधिकारी ने बताया, ‘‘जाजपुर के दशरथपुर प्रखंड में 62 गांव जलमग्न हैं। कुल 22 राहत शिविर चल रहे हैं, जिनसे 7,745 लोगों को मदद मिल रही है।’’
मयूरभंज में 97 गांवों और बारीपदा नगरपालिका के दो वार्डों के लोग प्रभावित हुए हैं। कुल 29 राहत शिविर चल रहे हैं, जिनमें 10,501 लोगों को ठहराया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि जिले में 104 घरों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है और नौ पॉलीथीन रोल बांटे गए हैं।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह कई अन्य नदियों में भी जलस्तर घटता नजर आया, जिनमें नाराज़ में महानदी, सुंदरगढ़ में इब, पानपोष में ब्राह्मणी, आनंदपुर और अखुआपाड़ा में बैतरणी, राष्ट्रीय राजमार्ग पर बूढ़ाबलंगा, गुनुपुर में वंशधारा और मथानी में जलका नदी शामिल हैं।
हीराकुंड जलाशय के अधिकारी चार फाटक खोल कर महानदी में अतिरिक्त पानी छोड़ रहे हैं। जलाशय में पानी का स्तर 627.29 फ़ीट था, जबकि जलाशय का अधिकतम स्तर 630 फ़ीट है।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए, प्रशासन ने 47 बचाव दल तैनात किये हैं, जिनमें ओडिशा आपदा द्रुत कार्यबल के 21 दल, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के चार दल और अग्नि एवं आपात सेवाओं के 22 दल हैं।
इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, क्योंझर और मयूरभंज ज़िलों में एक-दो जगहों पर बिजली कड़कने और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने का अनुमान लगाया है।
राज्य सरकार ने ज़िला प्रशासनों से कहा है कि वे स्थानीय स्तर पर बाढ़, निचले इलाकों में जल-जमाव, अंडरपास बंद होने और सड़कों एवं कमज़ोर ढांचों को नुकसान पहुंचने की संभावना को देखते हुए सतर्क रहें।
भाषा
राजकुमार मनीषा
मनीषा

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