राष्ट्रीयता सत्यापित ना होने पर विदेशी नागरिक को निर्वासित नहीं किया जा सकता:केंद्र

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राष्ट्रीयता सत्यापित ना होने पर विदेशी नागरिक को निर्वासित नहीं किया जा सकता:केंद्र

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  • Publish Date - August 1, 2026 / 03:38 PM IST,
    Updated On - August 1, 2026 / 03:38 PM IST

नयी दिल्ली, एक अगस्त (भाषा) केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय को अवगत कराया कि जिन विदेशी नागरिक की राष्ट्रीयता सत्यापित नहीं हैं, उन्हें तब तक निर्वासित नहीं किया जा सकता जब तक उसका मूल देश उसकी नागरिकता की पुष्टि करके उसे स्वीकार करने के लिए सहमत न हो जाए।

यह बात गृह मंत्रालय ने उच्चतम न्यायालय में दाखिल एक हलफनामे में कही। यह हलफनामा उस याचिका के जवाब में दायर किया गया है जिसमें असम में विदेशी घोषित किए गए ऐसे लोगों की अनिश्चितकालीन हिरासत को चुनौती दी गई है जिनके निर्वासन के फिलहाल कोई आसार नहीं है।

केंद्र ने अपने हलफनामे में कहा, ‘‘जिस विदेशी नागरिक की राष्ट्रीयता अज्ञात या असत्यापित है, उसे उसकी राष्ट्रीयता की पुष्टि होने, वैध यात्रा दस्तावेज उपलब्ध होने अथवा संबंधित देश द्वारा उसे स्वीकार किए जाने के बाद ही निर्वासित किया जा सकता है। राष्ट्रीयता के सत्यापन के बिना निर्वासन की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकती।’’

हलफनामे के अनुसार, किसी विदेशी नागरिक को सजा पूरी होने या उसके विरुद्ध लंबित न्यायिक कार्यवाही समाप्त होने के बाद संबंधित राज्य, केंद्र शासित प्रदेश अथवा विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) द्वारा तभी निर्वासित किया जा सकता है जब उसके पास वैध पासपोर्ट या अन्य यात्रा दस्तावेज हों और उसके खिलाफ कोई अन्य आपराधिक मामला लंबित न हो।

केंद्र ने हलफनामे में कहा, ‘‘किसी विदेशी नागरिक को निर्वासित करने से पहले राष्ट्रीयता सत्यापन की प्रक्रिया के तहत संबंधित देश के दूतावास या उच्चायोग से आवश्यक यात्रा दस्तावेज प्राप्त करना अनिवार्य है।’’

भाषा खारी संतोष

संतोष