शिकार रोधी शिविर नष्ट किए जाने के बाद शिलुबेपुरा में जंगल में लगी आग, 10 एकड़ क्षेत्र प्रभावित

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शिकार रोधी शिविर नष्ट किए जाने के बाद शिलुबेपुरा में जंगल में लगी आग, 10 एकड़ क्षेत्र प्रभावित

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  • Publish Date - August 20, 2026 / 11:52 AM IST,
    Updated On - August 20, 2026 / 11:52 AM IST

मैसूरु (कर्नाटक), 20 अगस्त (भाषा) कर्नाटक में चामराजनगर जिले के शिलुबेपुरा वन क्षेत्र में कथित रूप से उपद्रवियों द्वारा लगाई गई आग से करीब 10 एकड़ जंगल प्रभावित हुआ है। वन विभाग के सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

यह घटना एक शिकार रोधी शिविर को विस्फोट से नष्ट किए जाने के कुछ दिन बाद हुई है।

वन अधिकारियों को आशंका है कि 15 अगस्त को चामराजनगर में तीन कथित शिकारियों की मौत के बाद उपद्रवियों ने गुस्से में इस आगजनी को अंजाम दिया।

अधिकारियों ने बताया कि आग शिलुबेपुरा वन क्षेत्र में फैल गई, जिससे करीब 10 एकड़ इलाका प्रभावित हुआ। इसके अलावा जगेरी के पास स्थित एक शिकार रोधी शिविर भी नष्ट हो गया।

यह घटना चामराजनगर स्थित कावेरी वन्यजीव अभयारण्य में कई शिकार रोधी शिविरों को कथित तौर पर विस्फोटकों से उड़ाए जाने के बाद सामने आई है। ये घटनाएं 15 अगस्त को कथित मुठभेड़ में शिकारियों की मौत के बाद वन विभाग के खिलाफ नाराजगी के बीच हुई हैं।

सूत्रों ने बताया कि घटनाओं के बाद वन विभाग के कर्मचारी लगातार वीडियो जारी कर रहे हैं।

अज्ञात उपद्रवियों ने चामराजनगर के कावेरी वन्यजीव अभयारण्य में कई शिकार रोधी शिविरों को कथित रूप से विस्फोटकों से उड़ा दिया था।

सूत्रों के अनुसार, कोथानूर क्षेत्र के मिनचिनारेहल्ला शिकार रोधी शिविर को डायनामाइट और जिलेटिन की छड़ों का इस्तेमाल कर नष्ट किया गया और विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि शिविर की दीवारों को नुकसान पहुंचा एवं अंदर रखी सामग्री जल गई।

कोथानूर क्षेत्र में स्थित कई अन्य शिकार रोधी शिविरों-मिनचिनहल्ली, भीमेश्वरी, ओल्लेमारदा हट्टी, बुडिकेरे, बंदाहल्ली और कालिदोड्डी को भी 18-19 अगस्त की दरमियानी रात निशाना बनाया गया। हालांकि, इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए बुधवार कहा कि सरकार 15 अगस्त को तीन कथित शिकारियों की मौत के मामले में जांच के नतीजे का इंतजार करेगी और उसके बाद ही कोई टिप्पणी करेगी।

मारे गए तीन लोगों की पहचान एंथनी सामी, जॉन रोज पीटर और कुमार के तौर पर की गई है। वन विभाग के कर्मचारियों ने 15 अगस्त को तड़के कावेरी वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में उन्हें गोली मारी थी।

कर्नाटक के अधिकारियों के अनुसार, वन कर्मी कथित वन्यजीव शिकार की सूचना मिलने के बाद शिकार रोधी अभियान पर थे और इसी दौरान संदिग्ध शिकारियों के समूह ने उन पर गोलीबारी की, जिसके बाद वन कर्मियों ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।

अधिकारियों के अनुसार, गोलीबारी में तीनों लोगों की मौत हो गई।

इस मुद्दे की गूंज पड़ोसी राज्य तमिलनाडु में भी सुनाई दी है, जहां राजनीतिक दलों ने दावा किया कि मृतक तमिल समुदाय के थे और उन्होंने गोलीबारी की घटना को लेकर कर्नाटक के अधिकारियों के स्पष्टीकरण पर सवाल उठाए।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा था कि कर्नाटक वन विभाग की ओर से दी गई सफाई “अस्वीकार्य” है।

भाषा शोभना सिम्मी

सिम्मी