गिर में शावकों की मौत के बाद भावनगर के वनकर्मी पूरी तरह सतर्क: डीसीएफ

गिर में शावकों की मौत के बाद भावनगर के वनकर्मी पूरी तरह सतर्क: डीसीएफ

गिर में शावकों की मौत के बाद भावनगर के वनकर्मी पूरी तरह सतर्क:  डीसीएफ
Modified Date: June 1, 2026 / 07:59 pm IST
Published Date: June 1, 2026 7:59 pm IST

भावनगर, एक जून (भाषा) गुजरात के भावनगर जिले में वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि गिर वन क्षेत्र में बाबेसिया संक्रमण के संदेह में आठ शावकों की मौत के बाद एहतियात के तौर पर एशियाई शेरों की निगरानी और अन्य उपाय तेज कर दिए गए हैं।

उप वन संरक्षक (भावनगर) योगेश देसाई ने कहा कि जिले में अभी तक शेरों में इस संदिग्ध संक्रमण से जुड़े कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, अमरेली और गिर सोमनाथ जिलों में संदिग्ध बाबेसिया संक्रमण के कारण आठ शेरों की मौत हो गई है। शेरों के नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत या बीमारी के सटीक कारणों का पता चलेगा।

देसाई ने संवाददाताओं को बताया, ‘हाल ही में पूर्णिमा की रात में गश्त के दौरान, भावनगर जिले के वन क्षेत्र में लगभग 50 जंगली शेर देखे गए। हमारे पशु चिकित्सा कर्मचारियों ने इन 50 शेरों की जांच की और सभी सुरक्षित हैं। इनमें से 19 शेरों को कृमिनाशक दवा दी गई है और अन्य उपाय किए गए है। शेष जानवरों के लिए भी अगले 10 दिनों के भीतर यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।’

देसाई ने कहा कि विभाग ने सभी फील्ड कर्मचारियों को दैनिक पैदल गश्त तेज करने और शेरों की गतिविधियों और व्यवहार पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

राज्य के वन मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने पहले कहा था कि अधिकारियों ने संक्रमण के संभावित प्रसार को रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्रों के 10 किलोमीटर के दायरे में शेरों को अलग-थलग कर दिया है।

रविवार को उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों में कोई नया संदिग्ध मामला सामने नहीं आया है, जबकि गिर क्षेत्र में 17 शेर निगरानी में हैं।

मंत्री ने स्थिति की समीक्षा करने के लिए जमवाला बचाव केंद्र, बाबरिया वन रेंज और जसधार पशु देखभाल केंद्र का भी दौरा किया।

भाषा राखी नरेश

नरेश


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