अन्ना यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति ने मांगी जांच रिपोर्ट की कॉपी

अन्ना यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति ने मांगी जांच रिपोर्ट की कॉपी

अन्ना यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति ने मांगी जांच रिपोर्ट की कॉपी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:47 pm IST
Published Date: January 3, 2022 7:57 pm IST

चेन्नई, तीन जनवरी (भाषा) अन्ना विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एम.के. सुरप्पा ने उनके खिलाफ विभिन्न्न आरोपों की जांच के लिए पिछले वर्ष गठित एक-सदस्यीय आयोग की रिपोर्ट की एक प्रति उपलब्ध कराने का सोमवार को मद्रास उच्च न्यायालय से अनुरोध किया।

सुरप्पा के वकील ने न्यायमूर्ति वी पार्थिबन को बताया कि यदि न्यायमूर्ति पी. कलाइरासन आयोग की रिपोर्ट की प्रति उन्हें दी जाती है, तो उनके मुवक्किल आयोग के गठन को चुनौती देने वाली अपनी रिट याचिका वापस लेने के लिए भी तैयार हैं।

न्यायमूर्ति पार्थीबन ने महाधिवक्ता आर षणमुगसुन्दरम को यह पता करने के लिए 10 जनवरी तक का समय दिया कि क्या सुरप्पा को आयोग की रिपोर्ट की एक प्रति दी जा सकती है। इसके साथ ही अदालत ने मामले की सुनवाई 10 जनवरी के लिए स्थगित कर दी।

सुरप्पा के खिलाफ घूसखोरी, भ्रष्टाचार, गोरखधंधे, वित्तीय अनियमितताओं और अनियमित नियुक्तियों के आरोपों की जांच के लिए तत्कालीन अन्नाद्रमुक सरकार ने नवम्बर 2020 में न्यायमूर्ति कलाइरासन जांच आयोग गठित का गठन किया था। न्यायमूर्ति कलाइरासन मद्रास उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं।

इससे व्यथित सुरप्पा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए यह याचिका दायर की थी। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अप्रैल 2018 में पदभार ग्रहण करने के बाद से प्रमुख तकनीकी विश्वविद्यालय के हित में प्रमुख विकास कार्य किए हैं। कोविड -19 के कारण बची हुई परीक्षा आयोजित किए बिना सभी इंजीनियरिंग छात्रों को पास करने के राज्य सरकार के फैसले का विरोध करने और विश्वविद्यालय के लिए ‘इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस’ का दर्जा प्राप्त करने के लिए उनके द्वारा किए गए प्रयासों से टकराव शुरू हो गया था।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री और सचिव के कार्यालयों में सजावटी सामान खरीदने के लिए विश्वविद्यालय के धन के इस्तेमाल से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि उनके खिलाफ आरोप पिछली सरकार की नाराजगी का नतीजा है।

पिछले साल फरवरी में न्यायमूर्ति एस वैद्यनाथन ने सरकार को सुरप्पा के खिलाफ कोई भी कार्रवाई करने से रोक दिया था।

बाद में आयोग ने इस संबंध में राज्य सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी थी।

भाषा

सुरेश अनूप

अनूप


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