आरजी कर पीड़िता अंतिम संस्कार मामले में पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष सोमनाथ डे गिरफ्तार
आरजी कर पीड़िता अंतिम संस्कार मामले में पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष सोमनाथ डे गिरफ्तार
कोलकाता, तीन सितंबर (भाषा) आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की दुष्कर्म-हत्या पीड़िता के शव के कथित तौर पर जल्दबाजी में किए गए दाह संस्कार के सिलसिले में पानीहाटी नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ डे को बृहस्पतिवार को बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
बैरकपुर पुलिस आयुक्तालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस द्वारा अंतिम संस्कार की परिस्थितियों की जांच शुरू किए जाने के बाद से फरार चल रहे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता डे को सुबह बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया।
अधिकारी ने बताया कि वह फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और उन्हें बैरकपुर की अदालत में पेश करने से पहले ‘ट्रांजिट रिमांड’ पर पश्चिम बंगाल लाए जाने की संभावना है।
अभियोजन पक्ष पूछताछ के लिए उनकी पुलिस हिरासत की मांग कर सकता है।
इस मामले में डे गिरफ्तार होने वाले तीसरे व्यक्ति हैं। वर्ष 2024 में टीएमसी के शासनकाल के दौरान 31 वर्षीय स्नातकोत्तर प्रशिक्षु डॉक्टर की नौ अगस्त को हुई मौत से जुड़े विवाद में इस गिरफ्तारी ने नया राजनीतिक और कानूनी मोड़ ला दिया है।
पुलिस ने बताया कि पानीहाटी से तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक निर्मल घोष और पीड़िता के परिवार के पड़ोसी संजीव मुखर्जी को दाह संस्कार से जुड़ी कथित साजिश के सिलसिले में पहले गिरफ्तार किया गया था। दोनों फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।
पीड़िता के पिता की शिकायत पर खड़दह थाने में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस ने घोष, मुखर्जी और डे को मुख्य आरोपी बनाया था।
परिवार ने आरोप लगाया है कि शव का अंतिम संस्कार अनुचित जल्दबाजी में और उनकी सहमति के बिना किया गया था जिससे यह संदेह पैदा होता है कि शव का आनन-फानन में निपटान करने का उद्देश्य दोबारा पोस्टमॉर्टम होने से रोकना और सबूतों को छिपाने में मदद करना था।
डे की गिरफ्तारी से सरकारी अस्पताल में डॉक्टर का शव मिलने और उत्तर 24 परगना जिले के खड़दह थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पानीहाटी श्मशान घाट पर उसके अंतिम संस्कार के बीच घटी घटनाओं की कड़ी पर फिर से सवाल उठने की संभावना है।
पुलिस के मुताबिक, कतार में इंतजार कर रहे दो अन्य शवों को नजरअंदाज कर पीड़िता के शव को जल्दबाजी में श्मशान घाट ले जाया गया और उसका दाह संस्कार कर दिया गया।
भाषा सुमित नरेश
नरेश

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