सीएमआरउल के पूर्व एमडी ने वीणा को विजयन के साथ संबंध के कारण भुगतान किए जाने की बात स्वीकारी: ईडी

सीएमआरउल के पूर्व एमडी ने वीणा को विजयन के साथ संबंध के कारण भुगतान किए जाने की बात स्वीकारी: ईडी

सीएमआरउल के पूर्व एमडी ने वीणा को विजयन के साथ संबंध के कारण भुगतान किए जाने की बात स्वीकारी: ईडी
Modified Date: July 25, 2026 / 12:19 pm IST
Published Date: July 25, 2026 12:19 pm IST

कोच्चि, 25 जुलाई (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोच्चि स्थित कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से जुड़े धन शोधन मामले में न्यायनिर्णायक प्राधिकरण के समक्ष दायर अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कंपनी के पूर्व प्रबंध निदेशक (एमडी) ने स्वीकार किया है कि केरल के तत्कालीन मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से पारिवारिक संबंधों के कारण वीणा टी. को भुगतान किया गया था।

यह जांच इन आरोपों से संबंधित है कि सीएमआरएल ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी वीणा टी. के स्वामित्व वाली कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को 2.78 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जबकि बदले में कंपनी को कोई सेवा प्राप्त नहीं हुई।

ईडी ने मामले में आरोपियों की संपत्तियां कुर्क करने की मांग करते हुए यह रिपोर्ट न्यायनिर्णायक प्राधिकरण के समक्ष दाखिल की है।

रिपोर्ट के अनुसार, सीएमआरएल के संस्थापक और पूर्व प्रबंध निदेशक एस. एन. ससीधरन कार्था का कंपनी पर पूर्ण नियंत्रण था और उन्होंने 15 वर्षों में 182 करोड़ रुपये के कथित गबन के लिए एक बहुस्तरीय योजना तैयार की।

रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि इस योजना के तहत ‘स्लज हैंडलिंग एंड ट्रांसपोर्टेशन एक्सपेंसेज’ के नाम पर 139 करोड़ रुपये के फर्जी नकद खर्च स्वयं तैयार किए गए वाउचरों के जरिए दर्ज किए गए, जिनके समर्थन में कोई बिल पेश नहीं किया गया।

इसके अलावा, रिपोर्ट में कहा गया है कि 43 करोड़ रुपये चुनिंदा विक्रेताओं द्वारा कथित रूप से बढ़े-चढ़े बिल जारी कर निकाल लिए गए। आरोप है कि विक्रेता अतिरिक्त राशि नकद निकालकर अपना कमीशन काटने के बाद शेष रकम सीएमआरएल के अधिकारियों को लौटा देते थे।

ईडी का आरोप है कि 2.78 करोड़ रुपये के फर्जी खर्च सॉफ्टवेयर सेवाओं के नाम पर दर्ज किए गए और यह राशि वीणा तथा उनकी कंपनी एक्सालॉजिक को दी गई, जबकि उन्होंने सीएमआरएल को कोई सेवा प्रदान नहीं की।

रिपोर्ट में, 17 अप्रैल 2024 को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 50 के तहत दर्ज कार्था के बयान का जिक्र करते हुए कहा गया कि उन्होंने स्वीकार किया कि धनराशि विक्रेताओं को भेजी जाती थी, जो उसे नकद निकालकर बिना किसी वास्तविक खर्च के उन्हें या उनके सहयोगियों को लौटा देते थे।

रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘उन्होंने स्वीकार किया कि वीणा और एक्सालॉजिक को बिना कोई सेवा दिए भुगतान किया गया, जिसका कारण उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के साथ उनके व्यक्तिगत संबंधों को बताया।’’

यह मामला ईडी ने गंभीर कपट जांच कार्यालय द्वारा कोच्चि की अदालत में दायर अभियोजन शिकायत के आधार पर पीएमएलए के तहत दर्ज किया था।

एसएफआईओ कॉरपोरेट मंत्रालय की जांच शाखा है।

जनवरी 2019 में आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान कथित तौर पर लगभग 130 करोड़ रुपये के फर्जी खर्च सहित वित्तीय अनियमितताओं का पता चलने के बाद सीएमआरएल केंद्रीय एजेंसियों की जांच के दायरे में आई।

भाषा शोभना सिम्मी

सिम्मी


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