वडोदरा में सरकारी जमीन पर दावे को लेकर पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान की याचिका खारिज

वडोदरा में सरकारी जमीन पर दावे को लेकर पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान की याचिका खारिज

वडोदरा में सरकारी जमीन पर दावे को लेकर पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान की याचिका खारिज
Modified Date: September 1, 2026 / 12:37 am IST
Published Date: September 1, 2026 12:37 am IST

अहमदाबाद, 31 अगस्त (भाषा) गुजरात उच्च न्यायालय ने वडोदरा में सरकारी जमीन पर दावे से संबंधित मामले में एकल न्यायाधीश के फैसले को चुनौती देने वाली पूर्व भारतीय क्रिकेटर और लोकसभा सदस्य यूसुफ पठान की याचिका सोमवार को खारिज कर दी।

एकल न्यायाधीश ने पिछले साल अगस्त में पठान को वडोदरा में सरकारी जमीन के एक हिस्से पर ‘अतिक्रमणकारी’ बताया था।

पठान के वकील शालीन मेहता ने मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति डीएन रे की खंडपीठ से याचिका वापस लेने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीति के तहत उनका दावा अब भी विचाराधीन है।

खंडपीठ ने याचिका को वापस लिया हुआ मानकर खारिज कर दिया।

पठान ने एकल न्यायाधीश के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें वडोदरा नगर निगम (वीएमसी) की 978 वर्ग मीटर जमीन के आवंटन के उनके अनुरोध को खारिज करने के गुजरात सरकार के फैसले को बरकरार रखा गया था।

पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर ने राज्य सरकार की नीति के तहत इस जमीन पर अपना दावा किया था।

भाषा जोहेब अविनाश

अविनाश


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