पूर्व आईएएस अधिकारी संतोष बाबू हासन की पार्टी में शामिल, सेवा के दौरान दबाव का आरोप लगाया

पूर्व आईएएस अधिकारी संतोष बाबू हासन की पार्टी में शामिल, सेवा के दौरान दबाव का आरोप लगाया

पूर्व आईएएस अधिकारी संतोष बाबू हासन की पार्टी में शामिल,  सेवा के दौरान दबाव का आरोप लगाया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:13 pm IST
Published Date: December 1, 2020 1:33 pm IST

चेन्नई, एक दिसंबर (भाषा) तमिलनाडु सरकार में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं देने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पूर्व अधिकारी संतोष बाबू मंगलवार को अभिनेता-राजनेता कमल हासन की पार्टी मक्कल निधी मइयम (एमएमएम) में शामिल हो गए।

उल्लेखनीय है कि 52 वर्षीय बाबू ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत तमिलनाडु फाइबरनेट कॉरपोरेशन में वर्ष 2018-19 के तहत प्रधान सचिव के तौर पर किए गए काम को लेकर सरकार से मतभेद के बाद अगस्त महीने में स्वैच्छिक सेवानिविृत्ति ले ली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में कार्य करते वक्त उन्हें कुछ दबाव का सामना करना पड़ा।

उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु फाइबरनेट कॉरपोरेशन को विशेष तौर पर भारत नेट योजना के तहत तमिलनाडु के 12 हजार ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर आधारित ब्रॉडबैंड से जोड़ने की योजना को लागू करने के लिए बनाया गया है।

बाबू को इससे अलग करने के बाद इस साल की शुरुआत में टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगा था।

हासन की पार्टी में शामिल होने के लिए यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बाबू ने नौकरी छोड़ने की वजहों और निविद जारी करने में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों का जवाब दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘ निविदा (भारतनेट की) प्रकिया में कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। बोली लगाने की प्रक्रिया अबतक पूरी नहीं हुई है, लेकिन निश्चित तौर पर कुछ दबाव था।’’

हालांकि, बाबू ने यह नहीं बताया कि किसने दबाव डाला और उसका उद्देश्य क्या था।

बीच में हस्तक्षेप करते हुए हासन ने कहा कि बाबू नौकरशाह भी रहे हैं और वे अपनी ‘सामाजिक नाराजगी’ उनकी तरह दबाएंगे और अपनी सेवा संबंधी जानकारी का खुलासा एक सीमा तक ही करेंगे।

इसके साथ ही हासन ने पार्टी की सदस्यता दिलाने के साथ बाबू को एमएमएम मुख्यालय का महासचिव नियुक्त करने की भी घोषणा की।

भाषा धीरज उमा

उमा


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