कोच्चि, 22 फरवरी (भाषा) सत्ताधारी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के घटक दल के नेता एंटनी राजू ने सबूतों से छेड़छाड़ के मामले में दोषसिद्धि और तीन साल कारावास के मजिस्ट्रेट अदालत के फैसले को रद्द करने का आग्रह करते हुए केरल उच्च न्यायालय का रुख किया है।
राजू की जनधिपत्य केरल कांग्रेस, केरल में माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ का एक घटक है।
उन्हें 1990 में मादक पदार्थ मामले में गिरफ्तार एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक के वकील के रूप में पेश होते समय सबूतों से छेड़छाड़ करने से संबंधित एक मामले में नेदुमंगड स्थित न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट-प्रथम न्यायालय द्वारा तीन साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई गई थी।
उनकी दोषसिद्धि के बाद, केरल विधानसभा सचिवालय ने एक अधिसूचना जारी कर उनकी अयोग्यता की पुष्टि की।
हाल ही में, तिरुवनंतपुरम जिला एवं सत्र न्यायालय ने उनकी दोषसिद्धि और सजा को रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया था।
उच्च न्यायालय में अपनी याचिका में राजू ने कहा कि दोषसिद्धि को निलंबित करने के लिए आवेदन इसलिए दायर किया गया क्योंकि केरल विधानसभा के मौजूदा सदस्य होने के नाते, वह केवल दोषसिद्धि के कारण पद धारण करने के लिए अयोग्य हो गए थे।
उनके अनुसार, कारावास की सजा के विपरीत, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 8(3) के तहत अयोग्यता स्वतः प्रभावी और तत्काल होती है, जिससे राहत की कोई गुंजाइश नहीं रहती जब तक कि दोषसिद्धि को ही निलंबित न कर दिया जाए।
याचिका में कहा गया, “याचिकाकर्ता के आगामी राज्य विधानसभा चुनाव लड़ने का अधिकार आपराधिक अपील में चुनौती दिए गए फैसले के चलते खतरे में पड़ गया है, जो तथ्यों और कानून दोनों ही दृष्टियों से अनुचित है।”
इस याचिका पर आने वाले दिनों में विचार होने की संभावना है।
भाषा प्रशांत नेत्रपाल
नेत्रपाल