पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
हासन (कर्नाटक), 20 जुलाई (भाषा) पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा देवगौड़ा का सोमवार को हासन जिले में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी और होलेनरसीपुरा के विधायक एवं पूर्व मंत्री एच डी रेवन्ना की मां चेन्नम्मा का 89 वर्ष की आयु में दिल का दौरा पड़ने के बाद 18 जुलाई को बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार हासन जिले के होलेनरसीपुरा तालुक के माविनाकेरे गांव में रंगनाथ स्वामी बेट्टा की तलहटी में किया गया।
राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार करते हुए विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेता माविनाकेरे पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार, मंत्री तथा कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता देवगौड़ा परिवार को दुख की घड़ी में सांत्वना देने पहुंचे।
बड़ी संख्या में लोगों के अलावा आदिचुंचनगिरि मठ के पीठाधीश्वर श्री निर्मलानंदनाथ स्वामीजी सहित विभिन्न मठों के प्रमुख और पुलिस महानिदेशक एम ए सलीम समेत वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने भी उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी।
चेन्नम्मा को दफनाये जाने से पहले राजकीय सम्मान के तहत उन्हें बंदूक की सलामी दी गई। समारोह के बाद पुलिस ने चेन्नम्मा के पार्थिव शरीर पर लिपटे तिरंगे को हटाया। इसके बाद मुख्यमंत्री शिवकुमार ने भावुक देवगौड़ा को तिरंगा सौंपा।
अंतिम संस्कार से पहले देवगौड़ा ने वहां मौजूद लोगों को संबोधित किया और अपनी पत्नी के साथ जुड़ी यादों को साझा किया।
कुमारस्वामी, रेवन्ना और उनके बेटों ने अर्थी को कंधा दिया। चेन्नम्मा का अंतिम संस्कार वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया गया।
चेन्नम्मा और देवगौड़ा का विवाह 1954 में हुआ था। दंपति के चार बेटे—कुमारस्वामी, रेवन्ना, एच डी बालकृष्ण और एच डी रमेश—और दो बेटियां हैं।
अपने पति और बेटों के नेता होने के बावजूद चेन्नम्मा ने कुल मिलाकर सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाए रखी।
देवगौड़ा उनके त्याग, अटूट समर्थन और राजनीतिक जीवन की व्यस्तताओं के दौरान परिवार संभालने में उनकी अहम भूमिका का अक्सर सार्वजनिक रूप से उल्लेख करते रहे हैं।
फरवरी 2001 में हुए एक तेजाब हमले में भी चेन्नम्मा बच गई थीं। यह हमला कथित तौर पर पारिवारिक विवाद से जुड़ा था।
चेन्नम्मा के निधन से तीन दिन पहले रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो उनके निधन के बाद सोशल मीडिया पर सामने आया और व्यापक रूप से साझा किया गया। इसमें वह व्हीलचेयर पर बैठकर पूजा करती और फिर अपनी दैनिक परंपरा के तहत देवगौड़ा के पैर छूती नजर आईं। इसके बाद देवगौड़ा ने उन्हें भोजन दिया, लेकिन खराब स्वास्थ्य के कारण उन्होंने पहले मना किया। हालांकि बार-बार आग्रह करने पर उन्होंने आखिरकार उनके हाथ से भोजन स्वीकार किया।
भाषा अमित रंजन
रंजन

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