नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को महिला पहलवानों द्वारा दायर यौन उत्पीड़न के मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर को बरी कर दिया।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) अश्विनी पंवार ने इस मामले में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और डब्ल्यूएफआई के पूर्व सहायक सचिव तोमर को बरी कर दिया।
छह महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराए गए मामले में अंतिम बहस पूरी होने के बाद दो जुलाई को अदालत ने आदेश तीन अगस्त के लिए सुरक्षित रख लिया था।
मई 2024 में, एक अदालत ने सिंह के खिलाफ आपराधिक धमकी देने का आरोप तय करने का आदेश दिया था। हालांकि, छह महिला पहलवानों में से एक की शिकायत के मामले में उन्हें बरी कर दिया गया था।
दिल्ली पुलिस ने छह बार सांसद रहे सिंह के खिलाफ 15 जून को भारतीय दंड संहिता की धाराओं 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 354ए (यौन उत्पीड़न), 354डी (पीछा करना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था।
अदालत के विस्तृत आदेश का अभी इंतजार है।
भाषा गोला रंजन
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