Brij Bhushan Sharan Singh Case Updatel: बृजभूषण शरण सिंह को कोर्ट से मिली बड़ी राहत, महिला पहलवानों से छेड़छाड़ के मामले में हुए दोष मुक्त

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Brij Bhushan Sharan Singh Case Updatel: बृजभूषण शरण सिंह को कोर्ट से मिली बड़ी राहत, महिला पहलवानों से छेड़छाड़ के मामले में हुए दोष मुक्त

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  • Publish Date - August 3, 2026 / 12:05 PM IST,
    Updated On - August 3, 2026 / 12:05 PM IST

Brij Bhushan Sharan Singh Case Updatel: बृजभूषण शरण सिंह को कोर्ट से मिली बड़ी राहत, महिला पहलवानों से छेड़छाड़ के मामले में हुए दोष मुक्त / Image: AI Generated

HIGHLIGHTS
  • बृजभूषण शरण सिंह को बड़ी राहत
  • WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर भी दोषमुक्त
  • 2023 में पहलवानों के आंदोलन से चर्चा में आया था मामला

नई दिल्ली: Brij Bhushan Sharan Singh Case Update पूर्व सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों से छेड़छाड़ के मामले में बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को महिला पहलवानों द्वारा दायर यौन उत्पीड़न के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) अश्विनी पंवार ने यह फैसला सुनाया। वहीं, मामले में एक अन्य आरोपी WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को बरी कर दिया गया है।

बृजभूषण शरण सिंह को बड़ी राहत

Brij Bhushan Sharan Singh Case Update मिली जानकारी के अनुसार एसीजेएम अश्विनी पंवार ने मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। वहीं, आज दोनों आरोपियों को बरी कर दिया गया है। इससे पहले मई 2024 में अदालत ने सिंह के खिलाफ आपराधिक धमकी देने के आरोप तय करने का आदेश दिया था। हालांकि, छह महिला पहलवानों में से एक की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में अदालत ने उन्हें पहले ही आरोपमुक्त कर दिया था।

कोर्ट से दोषमुक्त किए जाने के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने मीडिया के सामने आकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि ‘कोर्ट ने मुझे बाइज्जत बरी किया। मैंने उस दिन कहा था कि मैं खुद फांसी पर लटक जाऊंगा, वह नौबत नहीं आई, आज मैं कोर्ट से जा रहा हूं।’ आरोप लगाने वालों और राजनीतिक साजिश के सवालों पर पूर्व सांसद ने कुछ भी कहने से इनकार करते हुए कहा,’चलिए जो हुआ सो हुआ।’

क्या था पूरा मामला

दिल्ली पुलिस ने 15 जून को 6 बार के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 (महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल प्रयोग), धारा 354ए (यौन उत्पीड़न), धारा 354डी (पीछा करना) और धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था। वहीं, बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी और कार्रवाई की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर 2023 में पहलवानों ने आंदोलन किया था, जिसमें विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान शामिल थे। केस दर्ज होने के बाद बृजभूषण शरण सिंह को भाजपा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया था। पार्टी ने उनके बेटे को कैसरगंज सीट से उम्मीदवार बनाया था।

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बृजभूषण शरण सिंह केस में अदालत ने क्या फैसला सुनाया?

दिल्ली की अदालत ने महिला पहलवानों द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया है।

इस मामले में दूसरा आरोपी कौन था?

इस मामले में WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर भी आरोपी थे, जिन्हें अदालत ने बरी कर दिया।

बृजभूषण शरण सिंह पर कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई थीं?

दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 354, 354A, 354D और 506 के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था।

बृजभूषण शरण सिंह मामला कब चर्चा में आया था?

यह मामला 2023 में उस समय सुर्खियों में आया था, जब कई महिला पहलवानों ने आरोप लगाए और जंतर-मंतर पर आंदोलन किया।

इस मामले का 2024 लोकसभा चुनाव पर क्या असर पड़ा था?

मामला दर्ज होने के बाद भाजपा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में बृजभूषण शरण सिंह को टिकट नहीं दिया और उनकी जगह उनके बेटे को कैसरगंज सीट से उम्मीदवार बनाया था।