नयी दिल्ली, तीन मार्च (भाषा) दिल्ली पुलिस ने क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन के बहाने लोगों को ठगने और लूटने वाले एक कथित अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिन्होंने पुलिस अधिकारी बनकर उत्तर पश्चिम दिल्ली में एक शख्स को निशाना बनाया था।
पुलिस के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि आरोपियों की पहचान आजादपुर निवासी 60 वर्षीय अनीस खान, मंगोलपुरी निवासी 46 साल के सऊद आलम, नांगलोई निवासी 55 वर्षीय मोहम्मद हारून और महाराष्ट्र के मुंबई में गोरेगांव पूर्व के रहने वाले 40 वर्षीय अब्दुल कादिर उर्फ गुड्डू के तौर पर हुई है।
पुलिस के अनुसार, गिरोह ने पीड़ितों को यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) बेचने का झूठा आश्वासन देकर फुसलाया और फिर पुलिसकर्मी बनकर और डरा कर उन्हें लूट लिया।
यह मामला नेताजी सुभाष प्लेस में 24 फरवरी को हुई एक घटना से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, सराय रोहिल्ला निवासी 53 वर्षीय सुभाष चंद की शिकायत पर शुरुआत में झपटमारी का मामला दर्ज किया गया था, लेकिन बाद में यह एक सुनियोजित लूट का मामला निकला, जिसका संबंध कथित क्रिप्टोकरेंसी सौदे से है।
शिकायतकर्ता ने 25 फरवरी को अपने पूरक बयान में आरोप लगाया कि उसे यूएसडीटी लेनदेन के लिए बुलाया गया था और खुद को पुलिस अधिकारी बताने वाले आरोपियों ने धमकाकर उससे नकदी लूट ली।
इसके बाद भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की प्रासंगिक धाराएं जोड़ी गई और जांच शुरू की गई।
पुलिस ने बताया कि अनीस की पहचान कर उसे 26 फरवरी को गिरफ्तार कर लिया गया। बाकी तीन आरोपियों को नेताजी सुभाष प्लेस से गिरफ्तार किया गया, जब वे इसी तरह से एक और पीड़ित को निशाना बनाने की कथित तौर पर साजिश रच रहे थे।
तलाशी के दौरान, लूटी गई राशि में से 15,000 रुपये नकद बरामद किए गए। अपराध में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें भी जब्त की गईं।
पुलिस के मुताबिक,पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का हिस्सा हैं। इस नेटवर्क में मुंबई के रहने वाले विष्णु और निलेश के साथ-साथ दिल्ली का एक साजिशकर्ता बाबा सुलेमानी भी शामिल है। पुलिस ने बताया कि तीनों फिलहाल फरार हैं और उन्हें ढूंढने के प्रयास जारी हैं।
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