घरेलू सहायिका से मंत्री पद तक: भाजपा की कलिता माझी ने कहा, पांच साल बाद भी नहीं बदलूंगी

घरेलू सहायिका से मंत्री पद तक: भाजपा की कलिता माझी ने कहा, पांच साल बाद भी नहीं बदलूंगी

घरेलू सहायिका से मंत्री पद तक: भाजपा की कलिता माझी ने कहा, पांच साल बाद भी नहीं बदलूंगी
Modified Date: June 1, 2026 / 05:36 pm IST
Published Date: June 1, 2026 5:36 pm IST

कोलकाता, एक जून (भाषा) कभी घरेलू सहायिका के रूप में काम करने वाली और पहली बार भाजपा के टिकट पर विधायक बनीं कलिता माझी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री पद की शपथ ली।

पश्चिम बंगाल के पूर्वी वर्धमान जिले में औसग्राम सीट का प्रतिनिधित्व करने वाली माझी (37) ने हालिया विधानसभा चुनावों में जीत हासिल कर सभी को हतप्रभ कर दिया। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार को 12,535 मतों के अंतर से हराया।

माझी के लिए, मंत्री पद उस यात्रा में मील का एक पत्थर है जो गुस्करा के मझपुकुर पारा में शुरू हुई, जहां उन्होंने वर्षों तक राजनीतिक गतिविधियों और घरेलू काम के बीच संतुलन बिठाया।

कलिता ने यहां लोक भवन में शपथ लेने के बाद ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरा जीवन इस तरह से बदल जाएगा। मुझ पर विश्वास करने और मुझे हर स्तर पर अवसर देने के लिए मैं अपनी पार्टी की आभारी हूं।’’

गुस्करा नगरपालिका क्षेत्र की रहने वाली माझी अपने पति, जो प्लम्बर हैं, और बेटे के साथ रहती हैं। चुनावी राजनीति में उतरने से पहले, उन्होंने अपने परिवार का गुजारा करने के लिए इलाके के घरों में घरेलू सहायिका के तौर पर काम किया।

वह एक दशक से अधिक समय से सक्रिय राजनीति में हैं, और जब भाजपा ने उन्हें 2021 के विधानसभा चुनावों में अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित औसग्राम सीट से मैदान में उतारा तो वह पहली बार चर्चा में आईं।

हालांकि, माझी उस चुनाव में दूसरे स्थान पर रहीं, लेकिन भाजपा ने उन पर भरोसा बनाये रखा और हालिया चुनाव के लिए उन्हें फिर से टिकट दिया।

पार्टी का यह निर्णय सफल साबित हुआ क्योंकि माझी ने एक लाख से अधिक वोट हासिल किए और यह सीट तृणमूल के हाथों से छीन ली।

अपने चुनाव प्रचार अभियान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों और जिन परिवारों के लिए उन्होंने काम किया था, उनके समर्थन ने उनकी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे निर्वाचन क्षेत्र के लोग पूरे प्रचार अभियान के दौरान मेरे साथ खड़े रहे। जिन परिवारों के बीच मैंने वर्षों तक काम किया, उन्होंने मुझे प्रोत्साहित किया। उनका आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ रहा है।’’

माझी ने कहा कि लोगों के घरों में काम करने के उनके अनुभव ने उन्हें गरीब और हाशिए पर रहने वाले परिवारों की समस्याओं से प्रत्यक्ष रूप से अवगत कराया।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने आम लोगों के संघर्ष को बहुत करीब से देखा है। मेरी प्राथमिकता बेहतर सड़कें, पेयजल सुविधाएं और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है। विकास हर घर तक पहुंचना चाहिए, खासकर उन लोगों तक जो वर्षों से उपेक्षित रहे हैं।’’

उन्होंने युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार सृजन और कल्याणकारी उपायों की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

बतौर मंत्री, अपनी योजनाओं के बारे में माझी ने कहा, ‘‘एक विधायक के रूप में मेरा ध्यान अपने क्षेत्र के विकास पर था। लेकिन अब, मेरी जिम्मेदारी काफी बढ़ गई है। मुझे पूरे पश्चिम बंगाल की देखभाल करनी है। मैं अपनी पार्टी के निर्देशों का पालन करूंगी।’’

यह वादा करते हुए कि वह अब से पांच साल बाद भी वैसी ही रहेंगी, माझी ने कहा, ‘‘मैं नहीं बदलूंगी। मुझे पता है कि जीवन क्या है। मैं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए कल्याण कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में काम करूंगी। मैं उनकी नब्ज जानती हूं क्योंकि मैं उनमें से एक हूं और अपनी आखिरी सांस तक ऐसी ही रहूंगी।’’

भाषा सुभाष मनीषा

मनीषा


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