न्यायमूर्ति अरुण पल्ली के सम्मान में ‘फुल कोर्ट रेफरेंस’ का आयोजन

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न्यायमूर्ति अरुण पल्ली के सम्मान में ‘फुल कोर्ट रेफरेंस’ का आयोजन

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  • Publish Date - June 1, 2026 / 08:55 PM IST,
    Updated On - June 1, 2026 / 08:55 PM IST

श्रीनगर, एक जून (भाषा) जम्मू कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली के सम्मान में उनकी अदालत में ‘फुल कोर्ट रेफरेंस’ का आयोजन किया गया। न्यायमूर्ति अरुण पल्ली को उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।

जब किसी अदालत के सभी न्यायाधीश एकत्रित होते हैं, तो उसे ‘फुल कोर्ट रेफरेंस’ कहा जाता है। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि ‘फुल कोर्ट रेफरेंस’ का आयोजन उच्च न्यायालय की दशकों पुरानी परंपराओं और गौरवशाली संस्थागत परिपाटियों के अनुरूप किया गया।

न्यायमूर्ति संजीव कुमार, न्यायमूर्ति सिंधु शर्मा, न्यायमूर्ति रजनीश ओसवाल, न्यायमूर्ति संजय धर, न्यायमूर्ति मोहम्मद अकरम चौधरी, न्यायमूर्ति राहुल भारती, न्यायमूर्ति एम. खजूरिया काजमी, न्यायमूर्ति वसीम सादिक नरगल, न्यायमूर्ति राजेश सेखरी, न्यायमूर्ति मोहम्मद यूसुफ वानी, न्यायमूर्ति संजय परिहार और न्यायमूर्ति शहजाद अजीम विदाई समारोह में उपस्थित थे। इन न्यायाधीशों के साथ ही उनकी जीवनसाथी भी कार्यक्रम में मौजूद थीं।

कार्यवाही में उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश, पूर्व न्यायाधीश, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और विधि जगत के सदस्य भी उपस्थित रहे।

जम्मू विंग के अधिकारी, कर्मचारी और अधिवक्ता डिजिटल माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

श्रीनगर के वरिष्ठ अतिरिक्त महाधिवक्ता मोहिसन कादरी ने अपने संबोधन में न्यायमूर्ति अरुण पल्ली के विशिष्ट न्यायिक जीवन, विद्वत्ता, प्रशासनिक दक्षता और न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का उल्लेख किया।

उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए न्यायमूर्ति संजीव कुमार ने मुख्य न्यायाधीश पल्ली के उत्कृष्ट न्यायिक जीवन, असाधारण नेतृत्व और मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनके अमूल्य योगदान का उल्लेख किया।

विदाई समारोह में दिए गए संबोधनों के उत्तर में मुख्य न्यायाधीश पल्ली ने सहयोगी न्यायाधीशों, अधिवक्ता समुदाय, न्यायिक अधिकारियों, रजिस्ट्री के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा अन्य सभी हितधारकों का उनके कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग, स्नेह और समर्थन के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।

उन्होंने उच्च न्यायालय के साथ अपने जुड़ाव को याद करते हुए संस्था की गौरवशाली परंपराओं, मूल्यों और स्वतंत्रता को संरक्षित रखने के महत्व पर बल दिया।

भाषा अमित दिलीप

दिलीप