जी20 इस तरह से विकसित हो सकता है जिससे सुरक्षा परिषद की प्रधानता खतरे में पड़ जाए: थरूर

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जी20 इस तरह से विकसित हो सकता है जिससे सुरक्षा परिषद की प्रधानता खतरे में पड़ जाए: थरूर

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  • Publish Date - March 6, 2026 / 08:34 PM IST,
    Updated On - March 6, 2026 / 08:34 PM IST

नयी दिल्ली, छह मार्च (भाषा) कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शुक्रवार को कहा कि जी20 इस तरह से विकसित हो सकता है जिससे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रधानता को खतरा पैदा हो सकता है क्योंकि यह आज की समकालीन वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करता है और किसी चार्टर से बाधित नहीं है।

‘रायसीना डायलॉग’ के एक सत्र में थरूर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र का अस्तित्व बना रहेगा और भले ही यह वह संयुक्त राष्ट्र नहीं हो सकता है जिसकी 1945 में कल्पना की गई थी, लेकिन यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग का केंद्र होगा।

उनका कहना था, ‘‘मैं जो देख रहा हूं वह अंतरराष्ट्रीय सहयोग के कई स्वरूप हैं। उनमें से सबसे उल्लेखनीय जी20 है जो संयुक्त राष्ट्र के विपरीत किसी चार्टर द्वारा बाधित नहीं है।’’

संयुक्त राष्ट्र के पूर्व अवर महासचिव ने कहा, ‘जी20 संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तुलना में कहीं अधिक प्रतिनिधि संस्था है, क्योंकि यह संस्था 1945 की भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करती है जबकि जी20 आज की समकालीन वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करती है।’’

थरूर ने कहा, ‘‘यह मंच इस तरह से विकसित हो सकता है जिससे सुरक्षा परिषद की प्रधानता को खतरा हो सकता है।’’

भाषा हक

हक नरेश

नरेश