हरिद्वार में जाली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़, तीन और आरोपी गिरफ्तार
हरिद्वार में जाली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़, तीन और आरोपी गिरफ्तार
देहरादून, 30 जून (भाषा) उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में पुलिस ने जाली नोट छापने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उसके तीन और सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 52 हजार रुपये मूल्य के नकली नोट, नोट छापने में प्रयुक्त उपकरण तथा अन्य सामग्री बरामद की है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
हरिद्वार की पुलिस अधीक्षक (अपराध) निशा यादव ने बताया कि श्यामपुर क्षेत्र में नकली नोटों के साथ पहले गिरफ्तार किए गए एक आरोपी से पूछताछ में मिले अहम सुरागों के आधार पर सोमवार को यह कार्रवाई की गई। इस मामले में अब तक कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग एक कार में नकली नोट छापने के उपकरण और जाली नोट लेकर उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के बड़ापुर क्षेत्र की ओर जा रहे हैं। प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने लालढांग तिराहे के पास घेराबंदी कर वाहन को रोका और उसकी तलाशी ली।
तलाशी के दौरान पुलिस ने कार में सवार तीन लोगों को हिरासत में लेकर उनके कब्जे से नकली नोट बनाने में प्रयुक्त उपकरण तथा बड़ी मात्रा में जाली मुद्रा बरामद की।
यादव ने बताया कि कार से 500 रुपये के चार असली नोट, उनके आधार पर छापे गए 500-500 रुपये के कुल 52 हजार रुपये मूल्य के नकली नोटों वाली 25 पेपर शीट, एक लैपटॉप और दो प्रिंटर बरामद किए गए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिजनौर जिले के बड़ापुर निवासी देवेंद्र कुमार (31), गुलजार (30) तथा हरिद्वार के श्यामपुर निवासी शगुन जोशी (26) के रूप में हुई है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गुलजार ऑनलाइन नकली नोट छापने के लिए विशेष कागज मंगवाता था, जबकि शगुन जोशी असली नोटों की तस्वीर लेकर सॉफ्टवेयर और विभिन्न ऐप की मदद से उनकी गुणवत्ता बढ़ाता था, ताकि नोटों की छपाई वास्तविक जैसी दिखाई दे।
देवेंद्र ने पुलिस को बताया कि उसने और गुलजार ने पहले बड़ापुर में करीब एक लाख रुपये के नकली नोट छापे थे, जिनमें से लगभग 60 हजार रुपये के जाली नोट बाजार में चला दिए गए थे।
इसके बाद अधिक मुनाफे के लालच में उन्होंने देवेंद्र के जीजा शिवम और शगुन जोशी को भी गिरोह में शामिल कर लिया।
पुलिस ने दो दिन पहले शिवम को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 52,500 रुपये मूल्य के नकली नोट बरामद किए थे। उसी कार्रवाई के बाद पूरे गिरोह का खुलासा हुआ।
भाषा
दीप्ति रवि कांत

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