गहलोत ने चुनी हुई सरकारों को ‘खरीद-फरोख्त’ से गिराए जाने पर चिंता जताई

गहलोत ने चुनी हुई सरकारों को 'खरीद-फरोख्त’ से गिराए जाने पर चिंता जताई

गहलोत ने चुनी हुई सरकारों को ‘खरीद-फरोख्त’ से गिराए जाने पर चिंता जताई
Modified Date: November 29, 2022 / 08:29 pm IST
Published Date: July 17, 2022 1:47 am IST

जयपुर, 16 जुलाई (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधायकों की कथित खरीद फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) से चुनी हुई सरकारों को गिराए जाने पर चिंता जताते हुए शनिवार को कहा कि 2020 के राजनीतिक संकट में अगर उनकी सरकार किसी तरह नहीं बचती तो राजस्थान में आज कोई और ही मुख्यमंत्री होता।

वह यहां देश भर के विधिक सेवा प्राधिकरणों के सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर केंद्रीय विधि मंत्री किरण रिजीजू, देश के प्रधान न्यायाधीश एन. वी. रमण मौजूद थे।

देश के हालात पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा,‘‘ हालात बहुत गंभीर हैं, देश में। सरकारें बदल रही हैं। गोवा, मणिपुर, कर्नाटक, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की, जहां अभी (एकनाथ)शिंदे मुख्यमंत्री बन गए हैं, बताइए आप… यह क्या तमाशा है? क्या अभी देश में लोकतंत्र है?’’

उन्होंने कहा,‘‘कैसे रहेगा लोकतंत्र? अगर चुनी हुई सरकारें हॉर्स ट्रेडिंग से बदली जाएंगी, ये तो मेरी सरकार पता नहीं कैसे बच गई।इसपर भी आश्चर्य हो रहा है, वरना आपके सामने मैं खड़ा नहीं होता, रिजीजू जी को यहां कोई दूसरा मुख्यमंत्री मिलता…. मैं समझता हूं कि स्थिति नाजुक है, हमें उसको देखना पड़ेगा।’’

तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के नेतृत्व में कुछ विधायकों के विद्रोह के कारण साल 2020 में गहलोत की सरकार संकट में आ गई थी। हालांकि, पार्टी आलाकमान के हस्तक्षेप के बाद संकट टल गया।

भाषा पृथ्वी धीरज

धीरज


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