पणजी, 23 मार्च (भाषा) गोवा विधानसभा के अध्यक्ष गणेश गांवकर के खिलाफ ‘रिवोल्यूशनरी गोवन्स पार्टी’ (आरजीपी) के विधायक वीरेश बोरकर ने विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है, जिसमें उन्होंने 16 मार्च को संक्षिप्त किए गए बजट सत्र के दौरान गंभीर प्रक्रियात्मक उल्लंघन और कार्यवाही के ‘‘पूर्व-निर्धारित’’ होने का आरोप लगाया है।
नौ अप्रैल को होने वाले पोंडा उपचुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने के बाद 16 मार्च को बजट सत्र की अवधि छोटी कर दी गई थी।
कार्यवाही प्रक्रिया एवं संचालन नियमावली के तहत 21 मार्च को प्रस्तुत नोटिस में दावा किया गया कि अध्यक्ष सुबह की बैठक के दौरान नियम 290 को सही ढंग से लागू करने में विफल रहे, जिससे पोंडा विधानसभा उपचुनाव अधिसूचना के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता पर ‘‘अस्वीकार्य और लंबी’’ चर्चा की अनुमति मिली।
नोटिस के अनुसार, यह चर्चा सूचीबद्ध मामलों का हिस्सा नहीं थी, वैध व्यवस्था के प्रश्न के रूप में योग्य नहीं थी और प्रक्रियात्मक नियमों का उल्लंघन करते हुए इसे पूर्ण बहस में बदलने की अनुमति दी गई।
बोरकर ने दावा किया कि अध्यक्ष ने नियम 291 के तहत उचित प्रक्रिया के माध्यम से मामले को आगे नहीं बढ़ाया और न ही निर्धारित कार्य को फिर से शुरू करने के लिए कोई स्पष्ट निर्णय जारी किया।
उन्होंने नोटिस में दावा किया कि 16 मार्च को सत्र की दोपहर बाद की कार्यवाही से संबंधित रूपरेखा ‘‘कार्यपालिका की मिलीभगत से पहले ही निर्धारित कर ली गई थी।’’
भाषा
शुभम नेत्रपाल रंजन
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