गोवा: मंत्री विश्वजीत राणे ने ‘जेन जेड’ की भावनाओं के अनुरूप नीतियां बनाने पर जोर दिया

गोवा: मंत्री विश्वजीत राणे ने ‘जेन जेड’ की भावनाओं के अनुरूप नीतियां बनाने पर जोर दिया

गोवा: मंत्री विश्वजीत राणे ने ‘जेन जेड’ की भावनाओं के अनुरूप नीतियां बनाने पर जोर दिया
Modified Date: May 21, 2026 / 09:48 am IST
Published Date: May 21, 2026 9:48 am IST

पणजी, 21 मई (भाषा) गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने कहा है कि कोई भी सरकार ‘जेन जेड’ की भावनाओं को नजरअंदाज नहीं कर सकती। उन्होंने इस वर्ग के युवाओं की बातों को सुनने और उसी के अनुरूप नीतियों को बनाने की जरूरत पर जोर दिया।

मंत्री राणे ने उत्तरी गोवा के उसगाव गांव में बुधवार शाम एक सार्वजनिक कार्यक्रम में संबोधन के दौरान यह बयान दिया।

उन्होंने राज्य में लगभग 22,000 सरकारी रिक्त पदों को भरने की वकालत करते हुए कहा कि इससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे और चुनावों से पहले युवाओं को लाभ होगा।

गोवा विधानसभा चुनाव अगले साल होने हैं।

नीतियों को बदलती जन आकांक्षाओं के अनुरूप बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार को ‘जेन जेड’ की उम्मीदों को ध्यान में रखना चाहिए।

मंत्री ने कहा, ‘कोई भी सरकार ‘जेन जेड’ की भावनाओं और संवेदनाओं को नजरअंदाज नहीं कर सकती है। हमें उनकी बात सुननी होगी और उसी के अनुसार अपनी नीतियां अपनानी होंगी।’

‘जेन जेड’ उस पीढ़ी को कहा जाता है जो 1997 से 2012 के बीच पैदा हुई है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने हमेशा देश के समग्र विकास के लिए एक दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ काम किया है।

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गोवा के स्वास्थ्य क्षेत्र में कई पहल की गई हैं।

उन्होंने सूचित किया कि स्तन कैंसर की जांच और गर्भाशय ग्रीवा (सर्विकल) कैंसर का पता लगाने के प्रयासों जैसे स्वास्थ्य सेवा उपक्रमों का विस्तार किया जा रहा है, जबकि विभिन्न सरकारी केंद्रों के माध्यम से लोगों को प्रति वर्ष 450 करोड़ रुपये की दवाएं मुफ्त प्रदान की जा रही हैं।

भाषा प्रचेता वैभव

वैभव


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