पणजी, छह मार्च (भाषा) गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) के विधायक विजय सरदेसाई ने शुक्रवार को विधानसभा में राज्य सरकार पर तीखा हमला करते हुए आयोजनों पर ‘‘फिजूलखर्ची’’ का आरोप लगाया और दावा किया कि खनन गतिविधियों को पुन: शुरू करने से जनता को कोई लाभ नहीं मिला।
राज्य विधानसभा में चर्चा के दौरान सरदेसाई ने आरोप लगाया कि सरकार ‘‘मस्जिदों का प्रबंधन उसी तरह अपने हाथ में ले रही है जैसे कंपनियों का अधिग्रहण किया जाता है’’।
उन्होंने सरकार द्वारा विभिन्न आयोजनों पर 74 करोड़ रुपये खर्च किए जाने पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि जनता के पैसे का इस्तेमाल लोगों को प्रभावित करने वाली समस्याओं के समाधान के बजाय प्रचार-प्रसार के लिए किया जा रहा है।
फारतोडा विधानसभा क्षेत्र से विधायक सरदेसाई ने विधानसभा में बजट सत्र के दौरान अनुदान के लिए पूरक मांगों पर चर्चा के दौरान बताया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में ‘विकसित भारत’ कार्यक्रम पर 13.22 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे और आरोप लगाया कि कार्यक्रम में भाग लेने के लिए महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे पड़ोसी राज्यों से लोगों को लाया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि गोवा में जी20 शिखर सम्मेलन से संबंधित गतिविधियों के दौरान होर्डिंग और विज्ञापनों पर 9.48 करोड़ रुपये खर्च किए गए और खनन कल्याण के लिए आवंटित धनराशि को बिजली से संबंधित उद्देश्यों के मद में हस्तांतरित किया जा रहा है।
सरदेसाई ने सरकार की अपशिष्ट प्रबंधन नीतियों की भी आलोचना करते हुए कहा कि परियोजनाओं पर 500 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं लेकिन स्वच्छता अब भी एक बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है।
विपक्षी पार्टी के विधायक ने यह भी दावा किया कि खनन गतिविधियां फिर से शुरू होने के बावजूद राज्य के लोगों के पास रोजगार के अवसर नहीं हैं।
भाषा सुरभि नरेश
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