गोवा नाइटक्लब अग्निकांड: अदालत ने जालसाजी मामले में लूथरा बंधुओं की जमानत याचिका खारिज की
गोवा नाइटक्लब अग्निकांड: अदालत ने जालसाजी मामले में लूथरा बंधुओं की जमानत याचिका खारिज की
पणजी, 28 मार्च (भाषा) गोवा की एक अदालत ने आबकारी लाइसेंस प्राप्त करने के लिए कथित तौर पर जाली दस्तावेज प्रस्तुत करने के एक मामले में ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब के मालिकों सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं।
अधिवक्ता पराग राव ने बताया कि म्हापसा की अतिरिक्त सत्र अदालत ने शुक्रवार को दोनों भाइयों की याचिका खारिज कर दी।
उत्तरी गोवा के अरपोरा गांव में स्थित लूथरा बंधुओं के स्वामित्व वाले ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में छह दिसंबर 2025 को भीषण आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी और 50 अन्य लोग घायल हो गए थे।
आग लगने की घटना के बाद दोनों भाई थाईलैंड भाग गए थे और 17 दिसंबर को वहां से भारत लाए गए थे। वर्तमान में वे उत्तरी गोवा स्थित कोलवाल केंद्रीय कारागार में बंद हैं।
पुलिस के अनुसार, अंजुना थाना पुलिस इस अग्निकांड में दोनों की जांच कर रही है, जबकि म्हापसा पुलिस ने उनके खिलाफ अलग से जालसाजी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने नाइटक्लब के लिए आबकारी विभाग से लाइसेंस प्राप्त करने हेतु जाली दस्तावेज जमा किए।
अधिवक्ता राव ने पत्रकारों से कहा कि न्यायाधीश ने दोनों की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।
उन्होंने कहा, “हमें अभी विस्तृत आदेश नहीं मिला है। हमें उसका अध्ययन करना होगा। हमें लगा नहीं था कि याचिका खारिज हो जाएगी।’’
राव ने यह भी बताया कि इसी नाइटक्लब के एक अन्य मालिक अजय गुप्ता को अग्निकांड और जालसाजी से जुड़े मामलों में अदालत से जमानत मिल चुकी है।
उन्होंने कहा कि लूथरा बंधुओं ने दलील दी थी कि कथित जाली दस्तावेज पहले से ही पुलिस के पास हैं, इसलिए इस मामले में उनकी हिरासत जरूरी नहीं है।
साथ ही, उन्होंने यह भी दलील दी कि उनके मुवक्किलों ने उन दस्तावेजों के लिए आवेदन नहीं किया था, जिन्हें कथित तौर पर जाली बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, कैंडोलिम स्वास्थ्य केंद्र (उत्तरी गोवा) के एक स्वास्थ्य अधिकारी ने लूथरा बंधुओं के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अधिकारी के जाली हस्ताक्षर से फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) तैयार किया और नाइटक्लब का लाइसेंस प्राप्त करने के लिए उसे आबकारी विभाग में जमा कराया।
भाषा खारी सिम्मी
सिम्मी

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