पणजी, 23 मार्च (भाषा) गोवा की एक अदालत ने ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब के मालिकों में से एक अजय गुप्ता को सोमवार को जमानत दे दी। उन्हें पिछले साल दिसंबर में नाइटक्लब में लगी भीषण आग में 25 लोगों की मौत के बाद गिरफ्तार किया गया था। गुप्ता के वकील रोहन देसाई ने बताया कि उनके मुवक्किल को उत्तरी गोवा के मापुसा स्थित जिला न्यायालय ने जमानत दी है, जिन्हें तीन महीने से अधिक समय पहले नयी दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था।
देसाई ने मामले में सुनवाई के दौरान अदालत में दलील दी कि पुलिस द्वारा मामले में दायर आरोपपत्र में गुप्ता के खिलाफ कोई सबूत नहीं है।
उन्होंने कहा कि विस्तृत आरोपपत्र में त्रासदी में गुप्ता की किसी भी भूमिका का उल्लेख नहीं है और उनके मुवक्किल के खिलाफ दस्तावेजों में हेराफेरी के आरोप भी निराधार हैं।
देसाई ने बताया कि उन्हें अभी तक जमानत आदेश की विस्तृत प्रति नहीं मिली है, लेकिन न्यायाधीश ने गुप्ता को 50,000 रुपये के मुचलके पर राहत प्रदान कर दी और कई जमानत शर्तें लगाईं, जिनमें अदालत की अनुमति के बिना देश से बाहर न जाने और पासपोर्ट जमा करने की शर्त भी शामिल है।
वकील ने बताया कि अदालत ने गुप्ता को जमानत पर रहते हुए सबूतों के साथ छेड़छाड़ न करने का भी निर्देश दिया है।
उत्तरी गोवा के अरपोरा गांव में स्थित नाइट क्लब में छह दिसंबर की रात लगी भीषण आग में 25 लोग मारे गए थे, जिनमें 20 कर्मचारी और पांच पर्यटक शामिल थे। इस त्रासदी के बाद पुलिस ने नाइट क्लब के मालिकों सहित 13 लोगों को गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने 27 फरवरी को मामले में क्लब के मालिकों सौरभ लूथरा, गौरव लूथरा और गुप्ता सहित 13 आरोपियों के खिलाफ 4,150 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया था। पुलिस ने मामले में 300 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए हैं।
भाषा धीरज नेत्रपाल
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