गोवा के नाइट क्लब में आग लगने की घटना: क्लब मालिकों समेत 13 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल

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गोवा के नाइट क्लब में आग लगने की घटना: क्लब मालिकों समेत 13 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल

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  • Publish Date - February 26, 2026 / 03:57 PM IST,
    Updated On - February 26, 2026 / 03:57 PM IST

पणजी, 26 फरवरी (भाषा) गोवा पुलिस ने पिछले साल दिसंबर में यहां ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइट क्लब में आग लगने की घटना के संबंध में बृहस्पतिवार को आरोपपत्र दाखिल किया। इस घटना में 25 लोगों की मौत हो गई थी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि 13 आरोपियों में नाइट क्लब के मालिक भी शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि अंजुना पुलिस ने इस मामले में मापुसा के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के समक्ष 4,150 पृष्ठों का आरोपपत्र दाखिल किया है, जिसमें 305 गवाहों के बयान हैं।

उत्तरी गोवा के अरपोरा स्थित नाइट क्लब में 6 दिसंबर 2025 को लगी भीषण आग में 25 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए थे।

आरोपपत्र में अजय गुप्ता, गौरव लूथरा और उनके भाई सौरभ लूथरा को नामजद किया गया है। वे मेसर्स बीइंग जीएस हॉस्पिटैलिटी गोवा अरपोरा एलएलपी के साझेदार हैं, जिसके पास बर्च बाय रोमियो लेन नाइट क्लब का स्वामित्व है।

पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

आरोपपत्र में नाइटक्लब के कर्मचारियों — राजीव मोदक (कॉर्पोरेट महाप्रबंधक), विवेक सिंह (महाप्रबंधक) और विजय कुमार सिंह (संचालन प्रबंधक) को भी नामजद किया गया है। वे भी न्यायिक हिरासत में हैं।

आरोपपत्र में नामजद अन्य आरोपियों में अरपोरा-नगोवा पंचायत के तत्कालीन सरपंच रोशन रेडकर और पंचायत के तत्कालीन सचिव रघुवीर बागकर शामिल हैं, दोनों वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। प्रियांशु ठाकुर (नाइटक्लब गेट मैनेजर) और राजवीर सिंघानिया (बार मैनेजर) को भी नामजद किया गया है और वे जमानत पर हैं।

अंजुना पुलिस ने उस शाम क्लब में कार्यक्रम आयोजित करने वाली इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के अधिकारियों — मयूर कोलवलकर और मोहम्मद अफीफ अब्दुलसाब बटेरी के खिलाफ भी आरोपपत्र दाखिल किया है।

ब्रिटिश नागरिक सुरिंदर कुमार खोसला को भी आरोपपत्र में नामजद किया गया है, जो अभी फरार है।

पुलिस ने बताया कि उसके खिलाफ ‘ब्लू कॉर्नर’ नोटिस जारी किया गया है।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या), 125 (मानव जीवन को खतरे में डालना) और 287 (आग और ज्वलनशील पदार्थों को लापरवाही से रखना, जिससे मानव जीवन को खतरा उत्पन्न होता हो) के तहत आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।

बाद में, क्लब मालिकों के खिलाफ बीएनएस की धारा 338 (मूल्यवान प्रतिभूतियों की जालसाजी), 336 (जाली दस्तावेज बनाना), 340 (जाली दस्तावेजों का उपयोग), 61 (आपराधिक साजिश), 238 (सबूतों को नष्ट करना), 241 (इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को नष्ट करना) और 3(7) (साझा इरादे से अपराध) भी लगाई गईं।

भाषा सुभाष अविनाश

अविनाश