Swami Avimukteshwaranand Case. Image Source- IBC24
प्रयागराज। Swami Avimukteshwaranand Case ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही है। सूत्रों ने अनुसार प्रयागराज के झूंसी थाने में उनके खिलाफ दर्ज मामले में जांच के बाद नाबालिगों से यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है। पुलिस ने बुधवार को पीड़ित नाबालिगों का मेडिकल टेस्ट कराया था। दो डॉक्टरों के पैनल ने प्रयागराज के सरकारी अस्पताल में मेडिकल टेस्ट किया। रिपोर्ट बंद लिफाफे में गुरुवार को जांच अधिकारी को सौंप दी गई है। अब इलाहाबाद हाईकोर्ट में कल शुक्रवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई होनी है। सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से हाईकोर्ट में मेडिकल रिपोर्ट भी रखी जाएगी।
Swami Avimukteshwaranand Case एफआईआर के अनुसार शिकायतकर्ताओं में स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी और एक नाबालिग सहित 2 अन्य लोग शामिल हैं, जिन्होंने गुरुकुल में और माघ मेले सहित धार्मिक सभाओं के दौरान यौन शोषण किए जाने का आरोप लगाया था। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए 8 फरवरी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। 13 फरवरी को 2 बच्चों को कोर्ट में पेश किया। 21 फरवरी को उनके बयान दर्ज हुए। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई।
आरोप लगने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की है। इस अर्जी पर शुक्रवार को सुनवाई प्रस्तावित है। वाराणसी स्थित विद्यामठ में मीडिया से बातचीत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि कुछ वकीलों ने उनकी मदद की पेशकश की है। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रयागराज के एक पुलिस अधिकारी उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं। स्वामी ने एक तस्वीर दिखाते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन ने 18 जनवरी, मौनी अमावस्या के दिन से ही उनके खिलाफ कार्रवाई की योजना बना ली थी।