(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली/चंडीगढ़, 29 सितंबर (भाषा) गोल्डी बराड़ के नाम से कुख्यात सतविंदरजीत सिंह अपनी किशोरावस्था के दौरान पंजाब में एक मामूली अपराधी हुआ करता था, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गिरोह चलाने वाला बन गया और अब एफबीआई के 10 सर्वाधिक वांछित भगोड़ों की सूची में शामिल है।
‘फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन’ (एफबीआई) ने अमेरिका में रहने वाले और लॉरेंस बिश्नोई संगठित अपराध समूह के कथित सरगना बराड़ (31) की गिरफ्तारी में मदद प्रदान करने वाली जानकारी देने वाले को 10 लाख अमेरिकी डॉलर का इनाम देने की घोषणा की है।
पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब जिले के रहने वाला बराड़ 2017 में छात्र वीजा पर कनाडा गया था और वह बिश्नोई गिरोह का एक भरोसेमंद सदस्य रहा है। माना जाता है कि अब वह बराड़-रोहित गोदारा-काला जठेड़ी गिरोह का हिस्सा है।
एफबीआई के अनुसार, बराड़ को लॉरेंस बिश्नोई के संगठित अपराध गिरोह का कथित सदस्य रहने को लेकर वांछित घोषित किया गया है। यह गिरोह दक्षिणी कैलिफोर्निया, पूरे अमेरिका और कनाडा में कई तरह की हिंसक गतिविधियों में शामिल बताया जाता है।
अमेरिकी जांच एजेंसी के अनुसार, वह कथित तौर पर राजनीतिक और धार्मिक हस्तियों की हत्या, गोलीबारी, हत्या, अपहरण, जबरन वसूली, मारपीट और नशीले पदार्थों व हथियारों की तस्करी में शामिल रहा है।
अमेरिका ने बिश्नोई और बराड़ पर कनाडा में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में संलिप्त रहने का आरोप लगाया है। कनाडाई नागरिक निज्जर की 18 जून 2023 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
बराड़ ने कनाडा में रहते हुए अपराध की दुनिया में अपनी पैठ बनाई। वहां से उसने सुपारी लेकर हत्या की घटनाओं को अंजाम दिया। बराड़ पंजाब में विभिन्न स्थानों पर दर्ज 52 प्राथमिकयों में नामजद है। उसकी गिरफ्तारी से जुड़ी सहायक सूचना देने वाले को पंजाब सरकार ने 10 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
पुलिस रिकॉर्ड में बराड़ का नाम पहली बार 2012 में पंजाब में छोटे-मोटे अपराधों के सिलसिले में आया था, जब वह किशोर था।
अधिकारियों के मुताबिक, पांच साल बाद वह कनाडा चला गया, जहां से उसने गुजरात जेल में बंद बिश्नोई के साथ करीबी गठजोड़ बनाकर और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के साथ मिलकर अपना नेटवर्क विस्तारित किया।
बराड़ के चचेरे भाई गुरलाल बराड़ की हत्या के बाद उसका अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा। गुरलाल पंजाब विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष थे और अक्टूबर 2020 में विरोधी लकी पटियाल गिरोह ने उनकी हत्या कर दी थी।
बदले की कार्रवाई के तौर पर, फरवरी 2021 में बराड़ ने युवा कांग्रेस के नेता गुरलाल सिंह की हत्या की साज़िश रची।
बराड़ पर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मुख्य षडयंत्रकारी होने का भी आरोप है।
भाषा सुभाष पवनेश
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