सीतारमण ने कतर के मंत्रियों से मुलाकात की; निवेश संधि, एफटीए पर चर्चा

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सीतारमण ने कतर के मंत्रियों से मुलाकात की; निवेश संधि, एफटीए पर चर्चा

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  • Publish Date - September 29, 2026 / 10:20 PM IST,
    Updated On - September 29, 2026 / 10:20 PM IST

दोहा/नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कतर के वित्त और विदेश व्यापार मंत्रियों से मुलाकात की और द्विपक्षीय निवेश संधि को अंतिम रूप देने तथा मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बातचीत आगे बढ़ाने पर चर्चा की।

एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (एआईआईबी) की सालाना बैठक के दौरान कतर के वित्त मंत्री अली बिन अहमद अल कुवारी और सीतारमण ने अलग से बैठक कर कतर में भारतीय यूपीआई प्रणाली के विस्तार तथा द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) को अंतिम रूप देने पर चर्चा की।

वित्त मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘दोनों नेताओं ने कतर में भारतीय यूपीआई भुगतान के विस्तार, भारत में 10 अरब डॉलर की कतर की निवेश प्रतिबद्धता के क्रियान्वयन, राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष (एनआईआईएफ) के साथ जुड़ाव और द्विपक्षीय निवेश संधि को अंतिम रूप देने पर चर्चा की।’’

मंत्रालय ने कहा कि दोनों ने व्यापार, निवेश और कर के मोर्चे पर भरोसे के लिए मजबूत रूपरेखा के रूप में दोहरा कराधान बचाव समझौते पर भी बातचीत की।

सीतारमण ने कतर के विदेश व्यापार राज्यमंत्री अहमद बिन मोहम्मद अल-सैयद से मुलाकात के दौरान कहा कि भारत कतर के साथ व्यापार और निवेश बढ़ाने को बहुत महत्व देता है।

वित्त मंत्रालय ने कहा, ‘‘केंद्रीय वित्त मंत्री ने होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्बाध समुद्री आवागमन और व्यापार समेत भारत और कतर तथा अन्य खाड़ी देशों के बीच सामान्य व्यापार बहाल करने के महत्व का उल्लेख किया।’’

दोनों मंत्रियों ने 10 अरब डॉलर की कतर की निवेश प्रतिबद्धता के क्रियान्वयन और भारत में कतर निवेश प्राधिकरण (क्यूआईए) का कार्यालय स्थापित करने पर भी चर्चा की।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय निवेश संधि को पूरा करने में रुचि दिखाई। इसके लिए उन्होंने बातचीत में तेजी लाने का फैसला किया। साथ ही मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत पर भी चर्चा की।’’

सीतारमण ने अलग से कतर बिजनेसमैन एसोसिएशन की बैठक को संबोधित किया।

वित्त मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर लिखा कि भारतीय पक्ष ने भारत की मजबूत संरचनात्मक वृद्धि की गति का जिक्र किया। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर बढ़कर 7.8 प्रतिशत रही।

जापान क्रेडिट रेटिंग (जेसीआर) द्वारा भारत की दीर्घकालिक जारीकर्ता रेटिंग को बीबीबी+ से बढ़ाकर ए- किए जाने को भी भारत में जारी संरचनात्मक सुधारों में विश्वास के संकेत के रूप में जिक्र किया गया।

मंत्रालय ने कहा कि बातचीत के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री ने दोनों देशों में उभरते आर्थिक अवसरों पर चर्चा की और कतर की कंपनियों को द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए व्यापार और निवेश साझेदारी के अवसर सक्रिय रूप से तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया।

भाषा रमण अजय

अजय