मुंबई, 29 सितंबर (भाषा) खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने एफडीए के अधिकारियों पर लगे जबरन वसूली के आरोपों के बीच मंगलवार को कहा कि उन्हें इस संबंध में एक भी शिकायत नहीं मिली है। हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर किसी अधिकारी ने गलत काम किया है तो उसे सजा मिलनी चाहिए।
एफडीए प्रमुख ने अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए ठोस सबूत पेश करने के लिए कहा।
सोमवार को शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने एफडीए अधिकारियों पर रिश्वत लेने और होटल तथा दूसरे कारोबारों के कारोबारियों को लाइसेंस निलंबित करने की धमकी देने का आरोप लगाया था।
उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ स्वतंत्र जांच की मांग की थी।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुंढे ने कहा कि एफडीए पूरी तरह पारदर्शी तरीके से काम कर रहा है।
उन्होंने कहा, “एफडीए की ओर से की गई कार्रवाई के बारे में रोजाना बुलेटिन जारी किए जा रहे हैं। छिपाने के लिए कुछ नहीं है।’
एफडीए आयुक्त ने कहा कि उन्होंने भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी) के महानिदेशक को पत्र लिखकर बताया है कि एफडीए खाद्य नियमों के उल्लंघन से जुड़े कानून को सख्ती से लागू कर रहा है।
उन्होंने कहा, “अगर एसीबी के पास एफडीए के किसी अधिकारी के इसमें शामिल होने की जानकारी है तो उसे सतर्कता बढ़ानी चाहिए और कार्रवाई करनी चाहिए।”
मुंढे ने कहा, “रिश्वत की शिकायत मेरे संज्ञान में नहीं आई है। अगर ऐसा हो रहा है तो कृपया मुझे बताएं। अगर कोई गलत काम करने वाला है तो उसे सजा मिलनी चाहिए। इसमें कोई सवाल नहीं है। अगर कोई अधिकारी दोषी है तो उसे सजा मिलनी चाहिए।”
भाषा जोहेब माधव
माधव