नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) सरकार ने बुधवार को संसद को बताया कि राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (एनजीएचएम) के तहत 70 हाइड्रोजन-चालित गाड़ियां चलाने के लिए कुल 12 पायलट परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिसके लिए 410.77 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि इन परियोजनाओं में 27 बसें और 43 ट्रक शामिल हैं, जिनमें फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक गाड़ियां और हाइड्रोजन आंतरिक दहन इंजन वाली गाड़ियां शामिल हैं। साथ ही, अलग-अलग राज्यों में 21 मार्गों पर 16 हाइड्रोजन ‘रीफ्यूलिंग’ स्टेशन भी बनाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के लिए कुल 410.77 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद तय की गई है, जिसमें से 41.582 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
मंत्री द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ये पायलट परियोजनाएं नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (एनएचपीसी), राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी), टाटा मोटर्स एवं इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), रिलायंस इंडिया लिमिटेड एवं एएल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) एवं वॉल्वो, एनटीपीसी-ग्रीन एनर्जी लिमिटेड जैसी निजी और सरकारी कंपनियों द्वारा संचालित की जा रही हैं।
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