सरकारी कर्मचारी ने खुद को प्रवासी बताकर 18 लाख रुपये की सहायता ली, आरोपपत्र दायर

सरकारी कर्मचारी ने खुद को प्रवासी बताकर 18 लाख रुपये की सहायता ली, आरोपपत्र दायर

सरकारी कर्मचारी ने खुद को प्रवासी बताकर 18 लाख रुपये की सहायता ली, आरोपपत्र दायर
Modified Date: January 19, 2026 / 04:57 pm IST
Published Date: January 19, 2026 4:57 pm IST

श्रीनगर, 19 जनवरी (भाषा) जम्मू-कश्मीर अपराध शाखा की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने एक पूर्व सरकारी कर्मचारी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। कर्मचारी पर नौकरी में रहते हुए खुद को प्रवासी बताकर 18.3 लाख रुपये की सहायता प्राप्त करने का आरोप है।

कश्मीर स्थित ईओडब्ल्यू को इस कर्मचारी के खिलाफ एक लिखित शिकायत मिली थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसने खुद का और अपने परिवार के सदस्यों का प्रवासी के तौर पर अवैध तरीके से पंजीकरण कराया है और नकद आर्थिक सहायता प्राप्त की।

वह प्रवासी राहत का पात्र नहीं था क्योंकि संबंधित अवधि के दौरान वह सरकारी सेवा में था।

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ईओडब्ल्यू ने शोपियां के सैयदपुरा निवासी और लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी मोहम्मद हुसैन शाह के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया।

ईओडब्ल्यू के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘आरोपपत्र में परिवार के सदस्यों के साथ खुद का अवैध रूप से प्रवासी के रूप में पंजीकरण कराने और धोखाधड़ी से 18,30,265 रुपये की राहत प्राप्त करने के आरोप शामिल हैं।’’

उन्होंने कहा, “गहन जांच में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि आरोपी ने प्रवासी पंजीकरण हासिल करने के लिए जानबूझकर अपनी नौकरी की स्थिति गलत बताई और महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया।”

उन्होंने कहा कि उपलब्ध ठोस साक्ष्यों के आधार पर यह साबित हुआ कि शाह के द्वारा किए गए उल्लंघन और कृत्य दंडनीय अपराध की श्रेणी में आते हैं।

भाषा

नोमान खारी

खारी


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